मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं गंगा के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने बताया कि भैया दूज के पर मां गंगा की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित मंदिर में विराजमान किया जाएगा। शीतकाल में देश-विदेश से आने वाले भक्त मुखबा में ही मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना का सकेंगे। उन्होंने सरकार से शीतकाल में भी मुखबा गांव तक सड़क, विद्युत, पेयजल, दुरसंचार आदि मूलभूत सुविधाएं बहाल रखने की मांग की।
खरसाली में शुरू हुई मां यमुना के स्वागत की तैयारियां
भैया दूज पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री से मां यमुना की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव लाया जाएगा। यमुना मंदिर के पुरोहित अनोज उनियाल, आशुतोष उनियाल आदि ने बताया कि खरसाली स्थित यमुना मंदिर को विशेष तौर पर सजाया गया है। यमुनोत्री मंदिर के कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु खरसाली में ही मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
कोविड-19 की भेंट चढ़ी इस बार की यात्रा
इस बार गंगोत्री धाम की यात्रा कोविड-19 महामारी की भेंट चढ़ गई। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए 23 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के दौर में 28 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट खुले थे। सरकार ने अनलॉक के तहत कड़े नियमों के साथ जुलाई माह में चार धाम यात्रा तो खोली, लेकिन अपेक्षित संख्या में तीर्थयात्री नहीं पहुंचे। यही कारण रहा कि इस सीजन में महज 22,901 तीर्थयात्रियों ने ही गंगोत्री धाम की यात्रा की।
कोविड-19 संक्रमण के कारण इस बार गंगोत्री धाम में मात्र 24 हजार तीर्थ यात्री दर्शन के लिए पहुंचे। पिछले साल 5.30 लाख श्रद्धालुओं ने धाम में दर्शन किए थे। रविवार को शीतकाल के लिए गंगोत्री के कपाट बंद हो गए हैं।
वैश्विक महामारी के बीच शुरू हुई चार धाम यात्रा में इस बार तीर्थ यात्रियों की संख्या काफी कम रही है। जिससे पर्यटन उद्योग को भी आर्थिक रूप से झटका लगा है। पिछले साल जहां पर गंगोत्री धाम में साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। वहीं, इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 30 हजार भी नहीं पहुंची है।
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन का कहना है कि कोविड महामारी के बीच एक जुलाई से प्रदेश के लोगों के लिए चारधाम यात्रा शुरू की गई थी। 25 जुलाई से दूसरे राज्यों के तीर्थ यात्रियों को सशर्त चार धाम यात्रा में आने की अनुमति दी गई है। सरकार के प्रयासों से चार धाम यात्रा का सफल संचालन हुआ है। एक जुलाई से लेकर 15 नवंबर तक गंगोत्री धाम में लगभग 24 हजार तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए हैं।