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उत्तराखंड: इसी विधानसभा सत्र में चारधाम देवस्थानम एक्ट को वापस लेगी सरकार 

Tue, 30 Nov 2021 09:20 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Char dham Devasthanam Board: मुख्यमंत्री ने कहा कि देशकाल परिस्थिति के हिसाब से यह निर्णय लिया गया है। भविष्य में सभी के सहयोग से मंदिरों एवं धामों के लिए सरकार अच्छी व्यवस्था बनाएगी। 
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उत्तराखंड विधानसभा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चुनावी साल में तीर्थ पुरोहितों के बढ़ते विरोध को देखते हुए धामी सरकार ने दो साल पहले गठित चारधाम देवस्थानम एक्ट को वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में इसकी घोषणा की। विधानसभा सत्र में इस पर मुहर लगेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशकाल परिस्थिति के हिसाब से यह निर्णय लिया गया है। भविष्य में सभी के सहयोग से मंदिरों एवं धामों के लिए सरकार अच्छी व्यवस्था बनाएगी। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चार जुलाई 2021 से वह प्रदेश के मुख्य सेवक की भूमिका में काम कर रहे हैं। एक्ट को लेकर हकहकूकधारी, पंडा समाज एवं तीर्थ पुरोहितों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आती रही है। इस पर सरकार ने श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की। तीन महीने के भीतर इस समिति ने अपनी रिपोर्ट दी। जिसकी अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने उसका अध्ययन कर देशकाल परिस्थितियों को देखते हुए एक्ट को वापस लेने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में और अच्छी व्यवस्था कैसे बने इसके प्रयास किए जाएंगे। 
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पूर्व की व्यवस्थाएं होंगी बहाल 
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सभी धामों में पूर्व की व्यवस्था जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने यह पूछे जाने पर कि कुछ मामलों में बैकफुट पर आ रही है। उन्होंने कहा कि जो देशकाल परिस्थिति के हिसाब से ठीक है सरकार वही फैसले ले रही है। 

कांग्रेस को करना चाहिए फैसले का स्वागत 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को सरकार के इस फैसले का स्वागत करना चाहिए लेकिन कांग्रेस के नेताओं को यह अच्छा नहीं लग रहा है। सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ाया तो भी उन्हें अच्छा नहीं लगा। यही वजह है कि हम उनकी बातों पर हंसते हैं। 
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तीर्थ पुरोहितों ने कहा उनके लिए गौरव का दिन 
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पंडा एवं तीर्थ पुरोहितों ने इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री का आभार जताया। चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि यह उनके लिए गौरव का दिन है। धामी सरकार के इस फैसले से पिछले दो साल धामों में जो परंपराएं खंडित हो रही थी उसमें सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर, मठ चलाने का काम तीर्थ पुरोहितों एवं हकहकूकधारियों का है इस पर सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था। इस मौके पर चारधाम महापंचायत के चंडी प्रसाद तिवारी, संजय तिवारी, मनोज तिवारी आदि ने सरकार के फैसले पर खुशी जताई। 

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