ऑटो और विक्रम हरिद्वार ऋषिकेश मुख्य मार्ग से होते हुए तपोवन तक जाते हैं। निजी बस यूनियनों का कहना है कि ऑटो विक्रम के चलते बाजार में जाम लगता है। इससे स्थानीय लोगों को तो परेशानी होती ही है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन करने वाली बसों का संचालन भी प्रभावित होता है। यूनियनें ऑटो और विक्रम को श्यामपुर बाईपास से खारास्रोत भेजने की मांग कर रही हैं।
टिहरी गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और यूपी के लोग अपने निजी वाहनों से तीर्थनगरी घूमने के लिए आते हैं। पर्यटकों के कई वाहन मुख्य मार्ग से होते हुए बाजारों में पहुंच जाते हैं। वहीं वीकेंड पर मुख्य मार्ग पर ऑटो और विक्रम का दबाव भी बढ़ जाता है। इससे जाम की स्थित पैदा होती है। स्थानीय लोगों के वाहन और पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन करने वाली बसें जाम में फंस जाती हैं। इससे स्थानीय लोगों और बस यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि वीकेंड पर बाहरी राज्यों के वाहन, ऑटो व विक्रम को भी श्यामपुर बाईपास पर डाइवर्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर ऋषिकेश में ट्रैफिक प्लान लागू करने के लिए डीजीपी अशोक कुमार से जल्द मिलेंगे।
ट्रैफिक प्लान की बैठक में नहीं बुलाए जाते बस ऑपरेटर्स
टिहरी गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय, यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ के अध्यक्ष मनोज ध्यानी और एकल मार्ग रोटेशन के अध्यक्ष योगेश उनियाल ने कहा कि पुलिस की ओर से कई बार शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई जाती है, लेकिन इसमें बस ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया जाता। केवल ऑटो यूनियन, विक्रम यूनियन, टैक्सी यूनियन और शहर के व्यापारियों को बुलाकर रस्म अदायगी कर दी जाती है।