सीएसडी कैंटीन का पूर्व हेड उपलब्ध कराता था डिफेंस के फर्जी स्टीकर
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी प्रवीन पहले सीएसडी कैंटीन आराघर में काम करता था। यहां कैंटीन के हेड से उसकी पहचान हुई थी। दोनों ने मिलकर बाहरी राज्यों से शराब लाकर डिफेंस का फर्जी स्टीकर लगाकर बेचने की योजना बनाई। कैंटीन का पूर्व हेड ही उन्हें फर्जी स्टीकर उपलब्ध कराता था। जिसमें फोर डिफेंस पर्सन ओनली, ओनली फोर डिफेंस सर्विसेज व ओनली कैंटीन सर्विसेज लिखा होता था। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है।
डिफेंस का स्टीकर लगने से मिलते थे अच्छे दाम
आरोपियों ने बताया कि डिफेंस की शराब की मांग ज्यादा है इसलिए बोतल पर डिफेंस का फर्जी स्टीकर लगा होने से उन्हें शराब के अच्छे दाम मिलते हैं। कुछ रिटायर्ड आर्मी के जवान उक्त शराब को डिफेंस की शराब बताकर बेचते हैं। देहरादून में कई स्थानों पर यह गिरोह शराब सप्लाई करता है।
पांच लोगों का है गिरोह
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का पांच लोगों का गिरोह है। जिसमें प्रवीण, अश्वनी, पूर्व सीएसडी कैंटीन हेड और दो व्यक्ति शामिल हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।