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रोज लाखों कमाते हैं चैंपियन के ये ‘गरीब’ ठेकेदार

Sat, 05 Oct 2013 09:39 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड वन विकास निगम की गवर्निंग बॉडी पर भी कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की दबंगई काबिज है। निगम ने चैंपियन के दबाव में प्रदेश की नदियों पर कांटा लगाने वाले ठेकेदारों को ठेका पूरा होने के बावजूद पुराने रेट पर ही पांच साल तक का विस्तार दे दिया।
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हर रोज लाखों का चोखा धंधा
खास बात यह है कि चैंपियन ने यह कहकर निगम की टेंडर प्रक्रिया निरस्त की थी कि ‘गरीब’ ठेकेदारों के लिए टेंडर शर्त पूरी करना संभव नहीं होगा। जबकि सचाई यह है कि ये गरीब ठेकेदार खनन सामग्री से भरे वाहनों का वजन करके ही हर रोज लाखों का चोखा धंधा करते हैं।

निगम सूत्रों की मानें तो खनन शुरू होने के बाद पूरे प्रदेश में हर रोज 12 हजार ट्रक खनन सामग्री लेकर निकलते हैं। इनमें से छह हजार तो सिर्फ गौला नदी से आते हैं। निगम इन ठेकेदारों को प्रति ट्रक सात से 19 रुपए तक देता है। इस तरह सिर्फ गौला में ही कांटा ठेकेदार हर रोज 96000 रुपए कमा लेता है (निगम का हिस्सा शामिल नहीं है)। ऐसे में चैंपियन का इन ठेकेदारों के प्रति दिलचस्पी दिखाना सवाल खड़े करता है।
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हम जिम्मेदार नहीं
सूत्रों की मानें तो चैंपियन के कदम पर वन विकास निगम के अधिकारियों में सख्त नाराजगी है। राजनीतिक दबाव के चलते वे कुछ भी खोलकर बोल नहीं रहे। हालांकि, खनन शुरू कराने के संबंध में भी उनका रवैया उदासीन बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि निगम अधिकारियों ने गवर्निंग बॉडी को लिखित में दे दिया है कि अगर कांटों को पुराने ठेकेदारों को ही देने से निगम को राजस्व नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी वे नहीं लेंगे।

ये हैं ठेकेदार और ये हिस्सा
स्थान - ठेकेदार - प्रति ट्रक दर- निगम का हिस्सा - ठेकेदार का हिस्सा
देहरादून - मुकेश अरोड़ा - 30 रुपए - 23.10 - 06.90कोसी दाबका - संगम धर्मकांटा सोसाइटी - 25 रुपए - 09.00 - 16.00नंधौर - संगम धर्मकांटा सोसाइटी - 25 रुपए - 09.60 - 15.40गौला - आंचल धर्मकांटा ओनर्स सोसाइटी - 25 रुपए - 09.00 - 16.00शारदा - शारदा धर्मकांटा संचालन समिति - 25 रुपए - 07.00 - 18.00गंगा - हरिद्वार हल्द्वानी ओनर्स सोसाइटी - 30 रुपए - 11.00 - 19.00फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...
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