शिक्षा विभाग की ओर से आयोग को दी गई जानकारी के बिंदु
-दौरा पड़ने पर हवादार जगह पर आराम कराएं। हाथ पांव पर मालिश करें।
-चेहरे पर पानी से छींटे मारने से होश आने में मदद मिलती है।
-बेहोशी आने पर हींग और प्याज काटकर सुंघाएं।
-जामुन सहित अन्य फलों का नियमित रूप से उपयोग लाभकारी है। -मरीज को रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच शहद का सेवन करने से आराम मिलेगा।
-प्राणायम के अलावा ताड़ासन, भुजंगासन और सिंहासन करें।
इस साल बागेश्वर में भी आए तीन मामले
इस साल बागेश्वर जिले में भी मास हिस्टीरिया के तीन मामले आ चुके हैं। 30 जुलाई को राजकीय जूनियर हाईस्कूल रैखोली, 6 अगस्त को इंटर कॉलेज सनेती और आठ दिसंबर को राजकीय इंटर कॉलेज खाती में छात्राओं के बेहोश होने के मामले सामने आए थे। संवाद
रीठा साहिब जीआईसी में दो दिन में 29 छात्राओं और तीन छात्रों को दौरे पड़े हैं। ये दौरे हिस्टीरिया जैसे हैं। छात्र-छात्राओं को समझाने के अलावा काउंसलिंग और इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया गया है।
- जितेंद्र सक्सेना, सीईओ, चंपावत।
रीठा साहिब के जीआईसी में छात्राओं के अलावा कुछ छात्रों में हिस्टीरिया की शिकायत मिली है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्कूल में काउंसलिंग के लिए भेजा जाएगा।
-डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।