बारिश होने पर रातभर सो नहीं पा रहे हैं। वहीं, प्रभावित विमला बिजल्वाण का कहना है कि अपनी जिंदगीभर की मेहनत की कमाई से मकान बनाया। वर्ष 2017 में पति की मृत्यु हो गई। जिससे परिवार की जिम्मेदार मेरे कंधे पर आ गई। मकान भूस्खलन के मुहाने पर आ गया है। हम कहां जाएं, प्रशासन कह रहा है मकान छोड़कर किराये के घरों में जाओ, लेकिन घर का सामान कहां ले जाएं, कुछ समय में नहीं आ रहा है।
भूस्खलन से 70 भवनों को बना खतरा
हल्दापानी में भूस्खलन से 70 मकानों को खतरा बना है। कई मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार ने बतया कि बीते 28 दिसंबर को भूस्खलन के सुधारीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चार में से तीन ठेकेदारों के अधूरे आवेदन के चलते वे निरस्त हो गए। एक ठेकेदार का आवेदन सही पाए जाने पर विभाग ने उसे शासन को भेज दिया है, शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही भूस्खलन का सुधारीकरण कार्य शुरू किया जाएगा।