शर्तों के उल्लंघन पर अलग से कार्रवाई होगी
पेयजल निगम के एमडी एससी पंत का कहना है कि अगर कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन किया होगा तो नियमानुसार जुर्माना से लेकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह प्लांट के निर्माण संबंधी जांच पूरी हो जाएगी।
ये भी पढ़ें...Dehradun Crime: शादी के लिए मना करने पर युवक ने खोए होश, धारदार हथियार से युवती के गले पर किया वार
टिनशेड के डिजाइन पर भी सवाल
पेयजल निगम ने चमोली, गोपेश्वर व कर्णप्रयाग में जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनवाए हैं, उनका ढांचा टिनशेड का है। इस ढांचे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि इन जगहों पर बड़ी जमीन न मिलने की वजह से नदियों किनारे प्लांट बनाए गए थे। चूंकि इन किनारों को भूस्खलन जोन कहा जाता है, इसलिए बड़ा स्ट्रक्चर यहां सुरक्षित नहीं था। आईआईटी रुड़की से ढांचा एप्रूव करने के बाद ही इनका निर्माण किया गया है।