चकराता रोड रि-डेवलपमेंट के चक्कर में राजधानी देहरादून की कई योजनाएं लटक गई हैं।
प्लान का विरोध
एक ओर, स्थानीय दुकानदार चकराता रोड रि-डेवलपमेंट प्लान का विरोध कर रहे हैं। वहीं, अन्य योजनाओं पर ब्रेक लगने से शहरवासियों की परेशानियां भी अब जल्द दूर होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
चकराता रोड रि-डेवलपमेंट प्लान शहरवासियों के लिए चक्रवात की तरह हो गया है।
उनके सपने भी फिलहाल गुम होते दिखाई दे रहे हैं। हाल ये है कि एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) के अधिकारी चकराता रोड मामले में हाईकोर्ट के फैसले का जवाब और औपचारिकताएं पूरी करने में ही जुटे हैं।
क्या है मामला
हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद से एमडीडीए की ओर से चकराता रोड को लेकर तेजी की जा रही है। वजह ये है कि हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण करके रि-डेवलपमेंट प्लान बनाने का फैसला सुनाया है।
ऐसे में एमडीडीए की ओर से चकराता रोड को लेकर सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, जिससे बीच में कोई अड़चन न आने पाए।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में एमडीडीए की ओर से चकराता रोड पर तेजी से कागजी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में अभी अन्य योजनाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चकराता रोड का प्लान फाइनल होते ही दूसरी योजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।
- आर मीनाक्षीसुंदरम, VC MDDA
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