चकराता में सैलानी जोड़े की हत्या का असर इस बार न्यू ईयर और क्रिसमस पर होने वाले सेलिब्रेशन पर पड़ सकता है। जिस तरह से हत्या के बाद से चकराता और आसपड़ोस के इलाके में युवा पर्यटकों की आमाद में कमी आई है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यदि यही हाल रहा तो इस बार शांत फिजाओं में नए साल के सेलिब्रेशन की रौनक फिकी पड़ सकती है। इसे लेकर यहां के होटल व्यवसायी से लेकर अन्य व्यापारी चिंतित हैं।
हर साल चकराता में अलग ही अंदाज में क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेट किया जाता है। जहां अन्य इलाकों में धूमधड़ाका होता है वहां चकराता में पर्यटक शांत और इको फ्रेंडली तरीके से न्यू ईयर सेलिब्रेट करते हैं। इस दौरान अमूमन सभी होटलों में पर्यटकों की खासा भीड़ लगी रहती है। लेकिन इस घटना के बाद से जिस तरह से पर्यटकों खासकर युवा वर्ग में असुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। उससे होटल व्यापारियों को आशंका सता रही है कि कहीं न्यू ईयर और क्रिसमस पर पर्यटकों की संख्या न घट जाए।
यूं तो चकराता में सालभर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन सर्दियों में न्यू ईयर और बर्फबारी के दौरान होटल खचाखच भर जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों की रोजी रोटी भी इन ही पर्यटकों के भरोसे ही होती है। लेकिन जिस तरह से नवंबर माह में ही पर्यटकों की संख्या घट गई है उसे देखते हुए उनके माथे पर भी चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं।
यहां भी प्रभावित हो सकता है व्यापार
चकराता के साथ ही कनासर, देववन, मुंडाली में भी न्यू ईयर और क्रिसमस का जश्न मनाया जाता है। वन विभाग के गेस्ट हाउस की बुकिंग से भी अच्छी कमाई होती है, लेकिन सैलानी जोड़े की हत्या का असर यहां भी पड़ सकता है।
न्यू ईयर और क्रिसमस के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक न्यू ईयर के लिए तीन ही बुकिंग मिल सकी है जबकि, पिछले साल अब तक सेलिब्रेशन के लिए सभी कमरे बुक हो चुके थे।
-अमित जोशी होटल व्यवसायी