पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जब निर्वाचित सरकार को न गिरा पाए तो मोदी सरकार ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया। वे कांग्रेस भवन में मजदूर दिवस पर आयोजित सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद उत्तराखंड का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया। वहीं राज्य को 90:10 के अनुपात में मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई।
कांग्रेस मजदूरों की हितैषी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार अर्द्ध कुंभ के आयोजन में केंद्र की ओर कोई सहयोग नहीं मिला। केंद्र सरकार केवल एक सोची समझी रणनीति के तहत विपक्षी दलों की निर्वाचित सरकार को गिराने का काम कर रही है। सम्मेलन में पूर्व सीएम ने मजदूर वर्ग के हितों के लिए अपने कार्यकाल में किए गए कार्य गिनाए।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मजदूर और गरीबों के हित में सबसे अधिक काम कांग्रेस ने किया है। इंदिरा आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए। वहीं राजीव गांधी आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों के पात्र लोगों के लिए भी आवास की व्यवस्था की गई।
बताई नीतियां
इसके अलावा सरकार ने गरीब लोगों को मकान बनाने के लिये 180 वर्ग गज जमीन आवंटित करने की नीति बनाई। सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, केदार सिंह रावत, जयपाल जाटव, मथुरादत्त जोशी, सुमित्रा ध्यानी, राकेश नेगी, गरिमा दसौनी, लालचंद शर्मा, सुनीता, दीप बोहरा, भरत, मनीष, धर्म सिंह, जितेंद्र सिंह, कुंवर सिंह आदि मौजूद रहे।