14वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने से बढ़ीं उत्तराखंड की मुसीबतों को केंद्र दूर करेगा। तमाम मदों में हुई कटौती से राज्य सरकार को चार सालों में होने वाले करीब सात हजार करोड़ का नुकसान भरने के रास्ते निकाले जाएंगे।
यह आश्वासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को दिल्ली में हुई इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात के दौरान दिया। हरीश रावत ने केंद्र सरकार से आपदा की दृष्टि से संवेदनशील 400 गांवों को गोद लेकर विस्थापन का कार्य करवाने का भी अनुरोध किया।
रविवार को सीएम हरीश रावत ने बीजापुर गेस्टहाउस में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों से उत्तराखंड को हो रहे नुकसान के मुद्दे पर उन्होंने काउंसिल की बैठक में विस्तार से चर्चा की। बताया कि इन संस्तुतियों के लागू होने से जहां अन्य राज्यों को लाभ हो रहा है वहीं उत्तराखंड को सालाना लगभग 1768 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। चार साल तक इन संस्तुतियों के लागू रहने की स्थिति में कुल नुकसान सात हजार करोड़ के करीब होगा। इस संबंध में तमाम तथ्य भी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए।
इस पर अरुण जेटली ने तथ्य स्वीकार करते हुए कहा कि इस नुकसान की प्रतिपूर्ति का रास्ता जल्द निकाला जाएगा। माना जा रहा है कि केंद्र से सहायता प्राप्त कार्यों में मौजूदा हिस्सेदारी को बढ़ाकर या फिर विशेष पैकेज के जरिए इस नुकसान की भरपाई की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में तो नहीं, लेकिन आने वाले वर्षों में इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाह्य सहायतित योजनाओं में आर्थिक सहायता 90:10 के अनुपात में किए जाने का अनुरोध भी पूर्व में केंद्र सरकार से किया गया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
हिमालयी राज्यों को नेशनल इको सर्विस में योगदान के लिए ग्रीन बोनस दिए जाने, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से डॉप्लर राडार व सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण कराने का भी अनुरोध किया। 400 गांवों के पुनर्वास व भारी बरसात, बादल फटने व भूस्खलन से हुए 2000 करोड़ रुपये के नुकसान का मेमोरेंडम पृथक से देने के लिए कहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में ब्राडबैंड कनेक्टिविटी प्रभावी न होने के चलते सेटेलाइट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने के साथ स्पेक्ट्रम के चार्जेज को माफ किए जाने का भी अनुरोध किया है।