बीसीसीआई में पारदर्शिता लाने के लिए जस्टिस लोढ़ा कमेटी की अधिकतर सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है।
साथ ही बीसीसीआई को इन सिफारिशों को लागू करने के लिए छह महीने का वक्त दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उत्तराखंड के क्रिकेट खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इन लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर जल्द से जल्द उत्तराखंड को मान्यता देने का दबाव बढ़ेगा।
हालांकि बोर्ड पहले ही राज्य को मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों बोर्ड की संबद्धता कमेटी के दो सदस्य दून आए थे और राज्य में कार्यरत लगभग सभी क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिले थे। 2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होने के बाद से यूपीसीए के रहमोकरम पर उत्तराखंड के इक्का-दुक्का खिलाड़ी यूपी से ही खेल रहे हैं।
ऐसे में उत्तराखंड के खिलाडियों के पास खुद को साबित करने के लिए बहुत ही सीमित मौके हैं। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थिति के हिसाब से दूर दराज के अच्छे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका तक नहीं मिलता है। जिन्हें मिलता भी हैं उन्हें ट्रायल से लेकर टीम के फाइनल सेलेक्शन तक इतनी भागदौड़ करनी पड़ती है कि उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है।
यह कोई एक दो साल से नहीं, बल्कि 16 साल से हो रहा है। इस भागदौड़ से परेशान कई खिलाड़ियों ने समय से पहले ही इस खेल से तौबा कर ली। जिनकी किस्मत साथ दी वो दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं।
हालांकि बीसीसीआई के ताजे रुख और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड क्रिकेट को जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद जग गई है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों की माने तो बोर्ड की दो सितंबर को होने वाली एजीएम में इस पर मुहर भी लग सकती है। उत्तराखंड क्रिकेट से जुड़े पुराने खिलाड़ी और नए खिलाड़ी भी लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों से गदगद हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मैं आज कुछ नहीं बोलूंगा। फैसले की कापी देखने के बाद ही कुछ कहूंगा।
- चंद्रकांत आर्य, अध्यक्ष उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और बोर्ड के ताजा रुख से उम्मीद बढ़ गई है कि प्रदेश को जल्द मान्यता मिल जाएगी।
- पीसी वर्मा, सचिव क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें मानकर बड़ा काम कर दिया है, अब बोर्ड को जल्द इस पर फैसला लेना होगा।
- राजेंद्र पाल, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन
बीसीसीआई को चाहिए कि खिलाड़ियों के हित में वह उत्तराखंड को मान्यता देने में बिल्कुल भी देर ना करे।
- दिव्य नौटियाल, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन
लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू होते ही उत्तराखंड को मान्यता मिल जाएगी और हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए मौके बढ़ जाएंगे।
- प्रशांत चौहान, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को जल्द से जल्द उत्तराखंड को मान्यता देनी होगी। इससे हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए रास्ते खुलेंगे।
- अमन नेगी, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज
उत्तराखंड को बोर्ड की मान्यता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अब अपने राज्य की भी अलग-अलग क्रिकेट टीमें होंगी।
- हितेश नौला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज
हमारे जैसे खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। अभी तक हम लोगों का भविष्य अंधकार में लग रहा था पर अब मौके बढ़ जाएंगे।
- लक्की असनोड़ा, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज
राज्य में एसोसिएशनों की आपसी खींचतान से राज्य की प्रतिभाओं का नुकसान हो रहा है। इस फैसले ने उम्मीदें जगा दी हैं।
- पवन पाल, क्रिकेट कोच
मान्यता पहले ही मिल जाती तो आज कई प्रतिभाएं जो दूसरे स्टेट से खेल रही हैं वो उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रही होतीं।
- विनय कुमार सैनी, क्रिकेट कोच
उत्तराखंड की कई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाने को बेताब हैं, अब उन्हें भी जल्द मौका मिलने की उम्मीद जग गई है।
- हरप्रीत, क्रिकेट कोच