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आपदा पीड़ितों से मिले केंद्रीय कपड़ा मंत्री टम्टा, बोले केंद्र पूरी तरह साथ

Fri, 08 Jul 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट/नाचनी/थल (पिथौरागढ़)
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आपदा प्रभावितों से मुलाकात करते कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा - फोटो : अमरउजाला
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केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा पिथौरागढ़ में आई तबाही का जायजा लेने बस्तड़ी और कुमालगौन पहुंचे। यहां उन्होंने आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मंत्री ने राहत कार्यों की सराहना करते हुए राज्य सरकार को नसीहत दी। साथ ही नाचनी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन बात कर आपदाग्रस्त क्षेत्रों के हालात की जानकारी दी। जरूरतों का ब्यौरा भी दिया। कुमालगौन में अब तक प्रभावितों को मकान, पशु मुआवजे के तौर पर 19 लाख 500 रुपये की मदद मिलने की जानकारी मिली।
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शुक्रवार को केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा सिंघाली के राहत शिविरों में रह रहे बस्तड़ी में आपदा प्रभावितों मिले। उन्होंने प्रभावितों से सरकार से मिली मदद की जानकारी ली। कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह आपदा प्रभावितों के साथ है।

उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के तौर पर जो भी धनराशि बंट रही है, वह सेंट्रल रिलीफ फंड से मिली है। राज्य सरकार को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। कहा कि मुख्यमंत्री आपदा नुकसान का खाका प्रधानमंत्री के सामने रखें, प्रधानमंत्री पूरी मदद करेंगे। डॉप्लर रडार नहीं लगने के मामले में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमीन का निस्तारण नहीं कर पा रही है। केंद्र सरकार 4 जगह डॉप्लर रडार लगाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री राहत कोष से भी प्रभावितों को मदद दी जाएगी। केदारनाथ की तर्ज पर मुआवजा देने के लिए वह राज्य सरकार से बात करेंगे।
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मंत्री ने बस्तड़ी गांव का जायजा लेकर एनडीआरएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, एसडीआरएफ के अधिकारियों, जवानों से मुलाकात की। उनके कामों की सराहना की। दौरे में भाजपा नेता किशन भंडारी, देवी दत्त जोशी, जिलाध्यक्ष विरेंद्र वल्दिया, राजेंद्र रावत, लोकेश भड़ साथ थे।
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आपदा प्रभावितों ने मंत्री से बताया अपना दर्द

आपदा क्षेत्र का जायजा लेते अजय टम्टा - फोटो : अमरउजाला
इससे पहले मंत्री टम्टा ने नाचनी के कुमालगौन (नौलड़ा) में भूस्खलन का जायजा लिया। नाचनी राहत कैंप में आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। एसडीएम से राहत, मदद की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित कमलेश, ललित और निर्मला को 12 लाख रुपये दिए गए हैं। इनके माता-पिता और एक बाई की हादसे में मौत हो गई थी। मकान क्षति का 101900, पशु क्षति का 90 हजार रुपये अलग से दिया गया है।

दीवानी राम को 101900 मकान क्षति, बहादुर राम को 101900 मकान, 40000 पशु क्षति, गोपाल राम को 101900 मकान, 42000 पशु क्षति, महेश राम को 101900 मकान क्षति के दिए गए हैं। प्रत्येक परिवार को 3800 रुपये अहेतुक राशि दी गई है। 4 क्विंटल राशन, दो गैस सिलेंडर मिले हैं। इस दौरान प्रभावितों ने तराई में विस्थापन की मांग की।

मंत्री ने कहा वन पंचायत में जमीन तलाशी जाएं। 12 मुट्ठी जमीन प्रत्येक को दिए जाने का प्रावधान है। मंत्री ने खतरे वाले अन्य गांवों को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए। नाचनी के नंदन राम ने मकान को पेड़ से खतरे का मामला उठाया। मंत्री ने एसडीएम को पेड़ की लापिंग कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष दलबहादुर बाफिला, खुशाल सिंह भंडारी, शमशेर सत्याल, धीरज बिष्ट, फकीर राम मौजूद थे।

स्वागत कराने से किया इनकार
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के सामने कुमालगौन के लोगों ने आपदा में माता-पिता एवं एक भाई को खो चुके कमलेश, ललित, निर्मला की परवरिश और पढ़ाई का मामला उठाया। मंत्री ने कहा किसी हॉस्टल में इन बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था कराई जाएगी।

हाल में मंत्री का पद संभालने वाले अजय टम्टा जब नाचनी पहुंचे तो कुछ कार्यकर्ताओं ने स्वागत करना चाहा, मंत्री ने इससे स्पष्ट इनकार कर दिया। कहा कि यह समय स्वागत कराने का नहीं, बल्कि प्रभावितों को राहत दिलाने का है।
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