केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का गलत तरीके से देख रही है। उत्तराखंड सरकार द्वारा दिया गया हलफनामा इसकी तस्दीक करता है।
उत्तराखंड सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार की गलतफहमी के कारण राज्य को भारी नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि पनबिजली परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से देख रही है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि 13 अगस्त 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अलकनंदा और भागीरथी नदी के किनारे स्थित 24 जल विद्युत परियोजनाओं के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और राज्य सरकार को पर्यावरण क्लीयरेंस या फॉरेस्ट क्लीयरेंस देने पर रोक लगाई थी लेकिन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय राज्य के किसी भी जल विद्युत परियोजना को पर्यावरण क्लीयरेंस या फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं दे रहा है।
मंत्रालय राज्य की अन्य जल विद्युत परियोजनाओं के प्रस्तावों को लगातार ठुकरा रहा है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्देश लाने के लिए कहा था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दाखिल किसी भी हलफनामे में इसका जिक्र नहीं किया गया है।