केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण नगर वन योजना उत्तराखंड के देहरादून और हरिद्वार में शीघ्र ही आकार लेगी। योजना के तहत देशभर में दो सौ नगर वन विकसित किए जाने हैं। पहले चरण में जिन 18 नगर वनों की स्वीकृति दी गई है, इनमें दो उत्तराखंड में विकसित किए जाने हैं। इसके लिए राज्य को प्रथम किस्त के रूप में एक करोड़ 11 लाख रुपये मिल गए हैं।
निवर्तमान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पांच जून 2021 को इस योजना का शुभारंभ किया था, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में देशभर में 200 नगर वन विकसित किए जाने हैं। उत्तराखंड में वन विभाग की ओर से नगर वन विकसित करने के लिए देहरादून में इसके लिए इंद्रानगर के पास 18.3 हेक्टेयर और हरिद्वार में दक्ष मंदिर के पास 20 हेक्टेयर वन भूमि चयनित की गई है।
प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने बताया कि देहरादून और हरिद्वार में नगर वनों को विकसित करने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। दो दिन पहले ही दोनों जनपदों के प्रभागीय वनाधिकारियों की ओर से इनका खाका प्रस्तुत किया गया। जिसके तहत नगर वनों को इसी वर्षाकाल में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले दो साल में इन्हें पूरी तरह से तैयार करके आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
पहले से विकसित जैवविविधता में छेड़छाड़ नहीं होगी
इस वर्ष पर्यावरण की थीम जैव विविधता पर आधारित है। इसलिए इन वनों को इस इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि पहले विकसित इनकी जैवविविधता में किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं की जाए।
नगर वनों को प्राकृतिक परिवेश से परिपूर्ण किया जाएगा। इसमें पैदल भ्रमण के लिए ट्रैक, बच्चों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए चिह्नित खेल स्थान, ध्यान, योग आदि अलग-अलग थीम पर विकसित किए जाएंगे। इसमें पारिस्थितिकी, स्वास्थ्य और मनोरंजन का ध्यान रखा जाएगा। इससे विभिन्न माध्यमों जैसे स्टॉल, ओपन हॉल, इत्यादि से राज्य को राजस्व की भी प्राप्ति होगी।
राज्य में देहरादून और हरिद्वार में नगर वन विकसित करने के लिए पहले चरण में केंद्र सरकार की ओर से एक करोड़ 11 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इन्हें नगर वनों को विकसित करने में विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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राजीव भरतरी, प्रमुख वन संरक्षक