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उत्तराखंड को केंद्र का बड़ा तोहफा, विशेष श्रेणी के दर्जे में शामिल

Sat, 07 Nov 2015 02:55 AM IST
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
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केंद्र ने फंडिंग पैटर्न बदलकर उत्तराखंड को बड़ी राहत दी है। इसे यूं भी कहा जा सकता है कि उसने उत्तराखंड राज्य के विशेष श्रेणी के दर्जे को बहाल कर दिया है। पिछले डेढ़ साल से यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ था।
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केंद्र ने करीब 27 कोर योजनाओं और दर्जन भर अन्य स्कीमों में नॉर्थ ईस्ट की तर्ज पर उत्तराखंड को 90:10 के अनुपात में धनराशि दिए जाने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग के वित्त सचिव रतन वी पातल ने विगत 28 अक्तूबर को इस बाबत आदेश जारी किया। केंद्र के इस कदम का लाभ उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल व जम्मू कश्मीर को भी मिलेगा।

पिछले साल जब केंद्रीय योजना आयोग को भंग कर नीति आयोग का गठन हुआ तो राज्यों को खुद पता नहीं रहा कि जो प्रस्ताव भेजा वो मंजूर हुआ कि नहीं।

फंडिंग पैटर्न बदला, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर को भी लाभ

भ्रम की स्थिति बनी रही और नॉर्थ-ईस्ट के आठ राज्यों के अलावा सभी को एक ही चश्मे से देखा गया। जबकि उत्तराखंड समेत तीनों हिमालयी राज्यों को नार्थ ईस्ट की तर्ज पर मदद की दरकार थी। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत कई बार पीएम व केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मिले।

पिछले दिनों चीफ मिनिस्टर्स ग्रुप ने नीति आयोग को रिपोर्ट सौंपी। नीति आयोग ने सहमति जताते हुए इसे पीएमओ के समक्ष प्रस्तुत किया।

पीएमओ की मंजूरी मिलते ही केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इसकी गाइडलाइन जारी कर दी। अब तीन हिमालयी राज्यों को भी नार्थ ईस्ट के आठ राज्यों की तर्ज पर विभिन्न योजनाओं में 90:10 के अनुपात में धनराशि दी जाएगी।
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इन योजनाओं में मिलेगा राज्य को मिलेगा धन

मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, अनुसूचित जाति व जनजाति के अम्ब्रेला प्रोग्राम, मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान, मदरसा शिक्षा में 60:40 के अनुपात में धनराशि मिलती थी। अब 90:10 केअनुपात मिलेगी।

कोर योजना के रूप में चिन्हित इन 27 योजनाओं में 50:50 के अनुपात में धन मिलता था। अब 90:10 के अनुपात में मिलेगा।

कृषि उन्नति योजना
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना
स्वच्छ भारत अभियान
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
राष्ट्रीय शिक्षा मिशन
एकीकृत बाल विकास सेवाएं
एकीकृत बाल सुरक्षा योजना
मिड-डे-मील
शहरी व ग्रामीण आवासीय योजना
राष्ट्रीय आजीविका मिशन
वन्य जीव एवं वानिकी योजनाएं
अमृत व स्मार्ट सिटी मिशन
पुलिस आधुनिकीकरण
न्यायिक सेवाओं के लिए आधारभूत ढांचा सुविधाएं

इन कार्यक्रमों में 50:50 के बजाय अब 80:20 अनुपात में धनराशि देने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी कंट्रोल प्रोग्राम
राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट मिशन
अपराध रोकथाम, महामारी रोकथाम आदि।
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