चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए वन और निजी भूमि हस्तांतरण के मद में केंद्र सरकार ने 2070 करोड़ रुपये दे दिए हैं। केंद्र सरकार सितंबर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चारधाम दौरे के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में देरी के लिए अपनी तरफ से राज्य सरकार को कोई मौका नहीं देना चाहती। केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि परियोजना का कार्य तेजी से किया जाए, जिससे प्रधानमंत्री को परियोजना का काम नजर आए।
चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण के मद में करीब एक हजार करोड़ रुपये वन विभाग को दिए जाने हैं। इसके अलावा परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही निजी भूमि के मद में पैसा दिया जाएगा। वन भूमि हस्तांतरण का मामला अटकने के कारण चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना एक साल पिछड़ गई है। वन भूमि हस्तांतरण पर वन विभाग को क्षतिपूरक वनीकरण के लिए वन विभाग को पैसा दिया जाता है।
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अभी बाकी
केंद्र सरकार ने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के पहले ही यह पैसा जारी कर दिया है, जिससे पैसों के चक्कर में परियोजना रुके नहीं। इस पैसे से निजी भूमि मालिकों को भी मुआवजे की व्यवस्था हो जाएगी। इस तरह केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है।
अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि गांवों और तहसील स्तर पर अटक रही प्रक्रिया में तेजी लाए। एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर जल्दी से जल्दी दस्तखत करके फाइलों को आगे बढ़ाया जाए। परियोजना का मामला भूमि हस्तांतरण के चक्कर में अटक रहा है। फरवरी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान खुद प्रधानमंत्री प्रदेश शासन को कागजी कार्रवाई जल्दी से पूरा करने का निर्देश दे चुके हैं।
चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए वन भूमि और निजी भूमि के हस्तांतरण के मद में 2070 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्दी से पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-पीके मौर्य, उत्तराखंड प्रभारी, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना
चारधाम परियोजना की लंबाई 889 किमी
परियोजना का कुल बजट-12 हजार करोड़
परियोजना में आने वाली वन भूमि-300 हेक्टेयर
निजी भूमि-176 हेक्टेयर