पदमश्री प्रीतम भरतवाण ने मंगलवार को गांधी पार्क में पौधरोपण के साथ ‘धाद’ के एक माह के हरेला अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ढोल सागर के ज्ञानी ओंकार दास के नाम पर पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से हरेला से जुड़ने का आह्वान किया।
प्रीतम भरतवाण ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति और भरपूर वन्य संपदा वाले उत्तराखंड में हरेला जैसे लोक पर्वों का महत्व और भी बढ़ जाता है। हरियाली और उन्नति का प्रतीक यह पर्व हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। धाद के अध्यक्ष लोकेश नवानी ने बताया कि हरेला इस बार उन कलाकारों को समर्पित किया गया है। धाद के महासचिव तन्मय ममगांई ने बताया कि एक माह के हरेला अभियान के दौरान विभिन्न मोहल्लों और स्कूल, कॉलेजों व शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संयोजक रीता भंडारी ने कहा कि हरेला को पूरे देश में मनाए जाने की आवश्यकता है।
दून विवि परिसर में रोपे गए पौधे
देहरादून। दून विश्वविद्यालय परिसर में पौधे रोपकर हरेला पर्व का शुभारंभ किया गया। कुलपति डॉ. चंद्रशेखर नौटियाल, उपकुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने पौधे लगाए और छात्रों से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। छात्र परिषद अध्यक्ष अभिषेक थलवाल ने बताया कि पूरे सप्ताह छात्र अलग-अलग स्थानों पर हरेला के संबंध में जानकारी देंगे। इस अवसर पर सत्येंद्र चौहान, नवनीत राजोरिया, अमित जोशी आदि मौजूद रहे।
शहतूत के पौधे लगाए
देहरादून। हरेला पर्व के अवसर पर रेशम निदेशालय में शहतूत का पौधा रोपा गया। उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के उपाध्यक्ष डीएस चौहान, एके यादव, एसएम शर्मा, डॉ. वीपी गुप्ता, डीसी जोशी, एनके भाटिया, रमिंद्री मंद्रवाल, प्रदीप कुमार, नरेश कुमार, राकेश कुमार आदि ने करीब 100 पौधे लगाए। मानसून सत्र में करीब डेढ़ लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है।