सहायक उप निरीक्षकों से नीचे के रैंक के पुलिस कर्मियों को छठा वेतनमान न दिए जाने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव (गृह) को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर निवासी पवन बोरा और भास्कर सनवाल ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि पूर्व में एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को छठे वेतनमान के तहत एक जनवरी 2006 से संशोधित वेतनमान एरियर सहित देने का आदेश दिया था।
इस आदेश के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में स्पेशल अपील दायर की थी। खंडपीठ ने सरकार की स्पेशल अपील को खारिज कर दिया। याचिककर्ताओं का कहना था कि उन्हें छठे वेतनमान के तहत संशोधित वेतनमान का लाभ एक जनवरी 2006 से मिलना था।
सरकार ने सहायक उपनिरीक्षक रैंक तक के कर्मिंयों को एक जनवरी 2006 से और उससे नीचे की रैंक के कर्मिंयों को 12 दिसंबर 2012 से यह लाभ दिया, जबकि याचिकाकर्ताओं को यह लाभ नहीं दिया जा रह है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने प्रमुख सचिव गृह को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।