पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के थे पैरोकार
सीडीएस रावत पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाओं के पैरोकार थे। थाती गांव में उन्होंने कहा था कि उनकी जब भी मंत्रियों या मुख्यमंत्री से बात होती है, तो यही कहते हैं कि यहां उच्च शिक्षा की सहूलियत प्रदान करनी होगी। यहां पर अच्छे इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेज खुलेंगे तो हमारे नौजवान यहां से पलायन नहीं करेंगे।
दो बार आए थे गंगोत्री
सीडीएस रावत दो बार गंगोत्री धाम भी आए थे। 6 नवंबर 2018 में वह गंगोत्री आए थे। इसके बाद 19 सितंबर 2019 में भी आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी मधुलिका के साथ धाम में पूजा-अर्चना भी की थी।
हेलीकाप्टर हादसे में सीडीएस रावत व उनकी पत्नी मधुलिका सहित अन्य सैन्य अधिकारियों की आत्मा की शांति के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में शोक संवेदना प्रकट की गई। महंत अजय पुरी ने कहा कि इस कठिन समय में परमात्मा मृत आत्माओं को शांति प्रदान करे व उनके शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे।