फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: पेपर लीक होने की घटना से बचने के लिए सीबीएसई ने लागू की ये नई व्यवस्था

Tue, 11 Feb 2020 07:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • परीक्षा के दौरान छात्रों को नहीं होगी कलाई घड़ी पहनने की अनुमति
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पेपर लीक होने होने जैसी घटना से बचना का इंतजाम कर लिया है। बोर्ड ने तय किया है कि प्रिंसिपल के मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। ओटीपी पुष्ट करने के बाद ही बैंक से प्रश्नपत्र मिल पाएंगे। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि तीन पेपर के सेट एक साथ भेजे जाएंगे।

विज्ञापन


सीबीएसई 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षाओं की तैयारियों के मद्देनजर स्कूलों को लगातार दिशा-निर्देश भेजे जा रहे हैं। इसी कड़ी में बोर्ड ने ओटीपी का पैटर्न लागू किया है। इसका ट्रायल हो चुका है। बैंक के लॉकर से प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए प्रिंसिपल के मोबाइल पर आया ओटीपी बताना होगा।
 

वहीं, सीबीएसई ने इस साल सीटीईटी की तर्ज पर बोर्ड परीक्षाओं में भी किसी भी तरह की घड़ी पहनकर जाने पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह हर परीक्षा कक्ष में एक दीवार घड़ी लगाएं, ताकि छात्रों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

क्लॉक रूम में जमा करानी होगी घड़ी

हर परीक्षा केंद्र की दीवार घड़ी का खर्च सीबीएसई की ओर से वहन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई छात्र परीक्षा केंद्र तक कलाई घड़ी पहनकर आ जाता है तो उसे क्लॉक रूम में यह घड़ी जमा करानी होगी।
विज्ञापन

विशेष बच्चे ले जा सकेंगे कैलकुलेटर

सीबीएसई बेंचमार्क डिसएबिलिटी वाले छात्रों को वार्षिक परीक्षा के दौरान कैलकुलेटर ले जाने की अनुमति होगी। 10वीं व 12वीं में चिल्ड्रेन विद स्पेशल नीड (सीडब्ल्यूएसएन) कैटेगरी वाले छात्र ये सुविधा ले सकेंगे। छात्रों को मानसिक या अन्य दिव्यांगता का प्रमाणपत्र भी लगाना होगा।

इवेल्यूएशन में कोई बहाना इस बार नहीं चलेगा

बोर्ड परीक्षा के साथ ही मूल्यांकन को लेकर भी बेहद गंभीर है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इस बार इवेल्यूएशन में किसी भी तरह का बहाना नहीं चलेगा। केवल तभी छूट मिलेगी, जबकि वाजिब वजह और उससे जुड़े कागजात होंगे। बोर्ड ने इवेल्यूशन में टीचर न भेजने वाले स्कूलों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें