छात्र संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय 50 फीसदी क्षमता के साथ खोलने की मांग की है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए शैक्षणिक संस्थान तुरंत खोलने पर फैसला लिया जाना चाहिए।
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्रदेश में इस वक्त अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है। बाजार, मॉल, प्राइवेट इंस्टीट्यूट, कोचिंग समेत अन्य संस्थान खुल रहे हैं, लेकिन महाविद्यालयों को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। विवि और कॉलेज बंद होने के कारण छात्रों की पढ़ाई ठप है।
अब जबकि धीरे-धीरे अन्य संस्थान व प्रतिष्ठान खुल रहे हैं तो इनको भी खोला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी बाहुल्य राज्य है, जिस कारण दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में हमेशा नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। इसके कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से भी वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि पहले ही कोरोना के कारण छात्रों की दो साल की पढ़ाई प्रभावित हो चुकी है। जल्द ही कॉलेज नहीं खोले गए तो छात्रों को और ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में कोविड सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए। ताकि, छात्रों को बीमारी से भी बचाया जा सके।