देहरादून। भाजपा नेता रवीन्द्र जुगरान ने गतिमान स्नातक स्तरीय सीबीआई जांच के संदर्भ में सीबीआई के डीआईजी से भेंटकर प्रत्यावेदन दिया। उन्होंने कहा है कि गतिमान जांच को अगर किसी ठोस निष्कर्ष पर ले जाकर नकल माफिया को समाप्त करना है तो उनके सुझावों का संज्ञान लिया जाए।
जुगरान ने कहा इसके लिए जांच का दायरा विस्तृत करना होगा। केवल हरिद्वार स्थित बहादुरगढ़ केंद्र की जांच पर्याप्त नहीं है। इसमें इसी परीक्षा के दौरान उत्तरकाशी में भी एक मामला प्रकाश में आया था, जिसमें बेरोजगार संगठन के सदस्यों ने वीडियो रिकार्डिंग वायरल की थी। जिसमें उत्तर पुस्तिका में पेपर हल कर परीक्षा में पास कराने का आश्वासन दिया जा रहा था। लेन-देन का भी उल्लेख था। इसी प्रकार वर्ष 2021 में यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में लगभग 70- 80 संदिग्धों पर एफआईआर हुई थीं। उनकी गिरफ्तारियां भी हुईं थीं। मामले की जांच पुलिस, एसटीएफ ने की थी। हाकम सिंह गिरफ्तार हुआ था। वन रक्षक भर्ती 2020 में हरिद्वार में ब्लूटूथ से नकल की घटना हुई थी, जिसकी जांच एसटीएफ ने की थी। यहां भी हाकम सिंह आरोपी था। जुगरान ने डीआईजी सीबीआई को सुझाव दिया की सभी दोषियों तक पहुंचने के लिए और नकल माफिया को खत्म करने के लिए सभी कड़ियों को जोड़कर जांच हो तो सफलता निश्चित मिलेगी। डीआईजी सीबीआई ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले का संज्ञान लिया जाएगा।