स्टिंग प्रकरण में सीबीआई द्वारा मुख्यमंत्री हरीश रावत से पूछताछ किए जाने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच राज्य सरकार गिराने की नई साजिश है।
पहले तो पीएम मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साजिश के तहत पार्टी में फूट डाली और नौ विधायकों को अपनी विधायकी गंवानी पड़ी और फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ जिसमें भाजपा को मुंह की खानी पड़ी।
दूसरे मुख्यमंत्रियों की भी जांच करे सीबीआई
प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय का आरोप है कि अब केंद्र सरकार सीबीआई की मदद से एक बार फिर राज्य सरकार को गिराना चाह रही है। सीबीआई केंद्र के इशारे पर काम कर रही है। सीबीआई संवैधानिक कानूनों के विपरीत दबाव में काम कर रही है।
सीबीआई को हरीश रावत के साथ-साथ हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ भी जांच करनी चाहिए, जो तमाम भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं।
साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को भी दिल्ली तलब कर पूछताछ करनी चाहिए। कहा कि कांग्रेस को सीबीआई जांच स्वीकार नहीं है। सीबीआई की जगह न्यायिक आयोग का गठन कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।