बाबा रामदेव के गुरू स्वामी शंकर देव महाराज के अपहरण के मामले में सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट (एफआर) पर बालकृष्ण को कोई आपत्ति नहीं है। सोमवार को अदालत में बालकृष्ण ने कहा कि इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया जाए।
आचार्य बालकृष्ण ने 16 जून 2007 को थाना कनखल में अपने और बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकर देव की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में गुमशुदगी को अपहरण में दर्ज किया गया था।
पहले पुलिस और फिर सीबीआई कई सालों तक इस मामले की जांच करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सीबीआई ने नौ दिसंबर 2014 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्र मोहन पांडे की अदालत में फाइनल रिपोर्ट दाखिल की थी। इस पर अदालत ने बालकृष्ण को नोटिस भेजकर आपत्ति के लिए समय दिया था।
सोमवार को अदालत में पेश हुए बालकृष्ण ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण में कोई आपत्ति दाखिल नहीं करनी है। वहीं सीबीआई ने कहा कि शंकर देव का कुछ पता नहीं चल पाया, न ही उनका शव मिला। भविष्य में उनका कोई सुराग मिलता है तो प्रकरण की दुबारा जांच होगी।