2018 में गाजियाबाद की जमीन को लेकर हुई थी धोखाधड़ी में दून में केस दर्ज हुआ। पीएनबी सूर्यनगर, आगरा में बंधक रखी जमीन को धोखाधड़ी कर बेचने पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। सिहानी गेट कोतवाली में दर्ज एफआईआर को सीबीआई की देहरादून शाखा में ट्रांसफर कर दिया गया है।
बैंक में बंधक जमीन को धोखाधड़ी से बेचने के मामले में सीबीआई की देहरादून शाखा में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जमीन गाजियाबाद में है और इसे आगरा की सूर्यनगर शाखा में बंधक रखा गया था। ग्राहक को धोखे में रखकर मालिकों ने इस जमीन को बेच डाला।
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इस मामले में गाजियाबाद की सिहानी गेट कोतवाली में वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटनाक्रम के अनुसार, मालीवाला, सिहानी गेट निवासी नरेंद्र शर्मा ने गांधीनगर, गाजियाबाद में एक प्लाट खरीदा था। यह प्लाट सुनील कुमार और श्रीबांके बिहारी ट्रस्ट के जगपाल सिंह से एक जनवरी 2018 को खरीदा गया था। उस वक्त इस भूमि को किसी भी भार-ऋण से मुक्त बताया गया था। खरीदने से पहले इसका 12 साला (12 वर्ष का इस भूमि से संबंधित पूरा डाटा) निकलवाया गया। इसमें भी इसे ऋण मुक्त दर्शाया गया।
इस बीच आगरा की सूर्यनगर पीएनबी शाखा से ऋण जमा करने संबंधी नोटिस आया। नोटिस पर लिखा था कि इस जमीन को टाइल्स एंपोरियम के दीपक कालरा ने बंधक रखकर ऋण लिया है। इसकी गारंटर सरोज रानी मित्तल हैं। नरेंद्र शर्मा ने जब पता किया तो मालूम हुआ कि यह जमीन सरोज रानी मित्तल ने ही सुनील कुमार और जगपाल सिंह को वर्ष 2016 में बेची थी। जबकि, 12 साला में इस तरह का कोई विवरण नहीं दिया गया।
इसे धोखाधड़ी कर दीपक कालरा को भी बेचा गया था। इसके बाद दीपक कालरा ने भी यह बात छुपाई। अब सिहानी गेट कोतवाली में दर्ज एफआईआर को सीबीआई की देहरादून शाखा में ट्रांसफर कर दिया गया है। सीबीआई की वेबसाइट पर अपलोड कॉपी के अनुसार, दीपक कालरा, सुनील कुमार, जगत सिंह और सूर्यनगर, आगरा की पीएनबी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।