दलितों के साथ चकराता स्थित शिलगुर देवता मंदिर में प्रवेश के विरोध में हुए सांसद तरुण विजय पर हमले के दावे को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नकार दिया है। सरकार पर लग रहे आरोपों को देखते हुए सीएम ने मामले में सीबीसीआईडी जांच करवाने का निर्णय लिया है।
साथ ही त्यूनी और चकराता के बीच 80 किमी क्षेत्र में एक और एसडीएम की तैनाती की घोषणा की है। उधर, सांसद तरुण विजय और उनके साथियों पर हमले के मामले में राजस्व पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस तरह मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में हरीश रावत ने कहा कि महासू देवता मंदिर कमेटी के चेयरमैन प्रेम लाल खुद दलित हैं। ऐसे में यह दलितों के मंदिर प्रवेश का मामला नहीं प्रतीत हो रहा है। संभव है कि कुछ स्थानीय परंपराओं के पालन नहीं करने के चलते यह घटना हुई हो। घटना के चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अन्य की तलाश जारी है। स्थानीय अफसरों को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो जत्था लेकर जाने की अनुमति कैसे दी गई और यदि अनुमति दी गई तो आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं किए गए, इसकी पड़ताल की जाएगी।