उत्पादों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग पर ध्यान देने की जरूरत
पतंजलि ग्रुप के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में उत्तराखंड में अनेक संभावनाएं हैं। राज्य में चार तरह के एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। भारत का पहली फूड प्रोसेसिंग यूनिट उत्तराखंड में स्थापित हुई। एरोमैटिक एवं मेडिसिनल क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। राज्य में बदरी गाय के दूध, घी के साथ ही औषधीय गुणों वाली दालों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग पर ध्यान देना होगा।
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उत्तराखंड में हो सकता है दो से तीन हजार करोड़ का दूध कारोबार
अमूल के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग भी दूध उत्पादन से दो से तीन हजार करोड़ का कारोबार कर सकते हैं। गुजरात में 36 लाख किसान अमूल से जुड़े हैं। सालाना दूध बेच कर 60 हजार करोड़ का कारोबार करते हैं। इसी तरह कर्नाटक में 18 से 20 हजार करोड़ का कारोबार होता है। उत्तराखंड में दूध कारोबार की काफी संभावनाएं है। इसके लिए दीर्घकालीन संसाधन व नीतियों पर विशेष ध्यान देना होगा। अमूल की ओर से सरकार को हरसंभव सहयोग किया जाएगा।