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घर में थी जश्न की तैयारी, लेकिन बेटे की शादी के कार्ड पर छपवा दिया कुछ ऐसा कि दर्ज हो गया मुकदमा

Wed, 20 Mar 2019 11:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बेटे की शादी के कार्ड में कुछ ऐसा छपवा दिया कि उत्तराखंड के बागेश्वर में थाना बैजनाथ पुलिस ने नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर मटेना गांव निवासी पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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थानाध्यक्ष बैजनाथ कैलाश बिष्ट ने बताया कि एसएसटी टीम के प्रभारी और नायब तहसीलदार चंद्र सिंह हरकोटिया ने मंगलवार को मटेना निवासी जगदीश चंद्र जोशी और देवकी देवी के खिलाफ एक तहरीर दी थी, जिसमें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन करने आरोप था।

पुलिस ने नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर दोनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मालूम हो कि जगदीश चंद्र जोशी और देवकी देवी ने अपने पुत्र के शादी के कार्ड में चुनाव चिन्ह कमल का फूल के साथ एक मैसेज प्रकाशित किया था। नायब तहसीलदार ने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी रंजना राजगुरु के निर्देश पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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वर पक्ष को नोटिस जारी किया था

बता दें कि शादी के कार्ड पर भाजपा का चुनाव चिह्न और पीएम मोदी को वोट देने का संदेश प्रकाशित करने को लेकर चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए वर पक्ष को नोटिस जारी किया था।

24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। जगदीश चंद्र जोशी और देवकी जोशी के बेटे जीवन का विवाह 22 अप्रैल को है। बेटे के विवाह के आमंत्रण के लिए कार्ड प्रकाशित कराए गए।

निर्वाचन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला माना है।

गौ सदन चलाते हैं जगदीश जोशी

सहायक रिटर्निंग ऑफिसर राकेश चंद्र तिवारी ने दूल्हे के माता-पिता को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। नोटिस में साफ था कि यह आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। दिए हुए समय के भीतर जवाब नहीं देने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम व आईपीसी की अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जगदीश जोशी गौ सदन चलाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि भाजपा से गाय का जुड़ाव होने की वजह से जगदीश का झुकाव भी भाजपा की तरफ है।

वहीं दूल्हे के पिता ने गलती स्वीकारते हुए कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ऐसा करना आचार संहिता का उल्लंघन होगा। उन्होंने कार्ड छपवाई में आए एक हजार रुपये के खर्च का ब्योरा और बिल अपने जवाब के साथ संलग्न कराया है। इस पर प्रशासन ने एक हजार की राशि भाजपा प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ दी है। बता दें कि अभी अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट से भाजपा ने अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रत्याशी जिसे भी बनाया जाएगा, यह खर्च उसके खाते में जुड़ जाएगा।
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शादी का खर्च जुड़ेगा भाजपा उम्मीदवार के खर्च में

शादी के कार्ड में भाजपा का प्रचार करना दूल्हे के संग अल्मोड़ा सीट से भाजपा उम्मीदवार को भी महंगा पड़ सकता है। शादी के कार्ड छापने, भोजन, टेंट वगैरह आयोजनों का खर्च भाजपा उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। इस तरह 70 लाख में से शादी के खर्च घटाने के बाद बाकी रकम में ही चुनाव खर्च करना होगा।

आदर्श आचार संहिता पालन समिति के प्रभारी शंकर वोरा ने बताया कि शादी का आयोजन निजी न होकर भाजपा का माना जा सकता है। इसमें जो भी खर्च होगा वो भाजपा उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जा सकता है। हालांकि, वर पक्ष के स्पष्टीकरण के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

ये संदेश छपा है कार्ड में 
तोहफे मत लाना किंतु वर वधू को आशीर्वाद देने से पहले 11 अप्रैल को राष्ट्रहित में मोदी जी को वोट जरूर कर आना (नमो एप)। कार्ड में स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत का लोगो भी बना है। 
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