नियम के विरुद्ध किताबें बेचने और जीएसटी चोरी के मामले में राजपुर रोड स्थित यूनिवर्सल बुक डिपो के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। बुक डिपो संचालकों पर आरोप है कि यहां भी बिना अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मानक संख्या (आईएसबीएन) के ही किताबें बेची जा रही थीं। इसके अलावा किताबें खरीदने वालों को किताबों का बिल भी नहीं दिया जा रहा था। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले प्रशासन ने शहर के तीन बड़े पुस्तक विक्रेताओं के यहां छापे मारे थे। इन तीनों के खिलाफ शनिवार रात को मुकदमा दर्ज किया गया था। शहर कोतवाल चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि रविवार को भी जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती ने यूनिवर्सल बुक डिपो के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुक डिपो पर छापा मारा था। यहां पर कक्षा नौ की ट्रेजर चेस्ट, टोल जियोग्राफी आदि नाम की पुस्तकों का सत्यापन नहीं हो पाया। इन पर आईएसबीएन नंबर दर्ज नहीं था। ये पुस्तकें आइसीएससी बोर्ड में पढ़ाई जाती हैं। आरोप यह भी हैं कि क्रेताओं को इनका बिल भी नहीं दिया जा रहा था। शहर कोतवाल ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी जगह हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रशासन ने उपलब्ध कराई है। इनके आधार पर मुकदमों की जांच की जा रही है।