बीते दिनों खुदकुशी करने वाले व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल की पत्नी की तहरीर पर केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत समेत अन्य देनदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
तहरीर में ओमप्रकाश की मौत के लिए विधायक समेत अन्य देनदारों को जिम्मेदार ठहराया गया है। उधर, भाजपा ने इस मामले में उत्तराखंड सरकार को घेरते हुए शैला रानी की गिरफ्तारी की मांग की है।
देहरादून में प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सुसाइड नोट में विधायक शैलारानी रावत समेत जिन रसूखदारों के नाम हैं, सभी को गिरफ्तार किया जाए।
आरोप लगाया कि शैलारानी हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी में मृत व्यापारी के घर गईं और उसके परिजनों को धमकाया। भाजपा ने इन सब मुद्दों संबंधी एक ज्ञापन राज्यपाल को भेजकर सीबीआई जांच की मांग की है। पंत ने कहा कि मृतक परिवार को न्याय न मिलने तक भाजपा चुप नहीं बैठेगी।
सरकार की नाकामी जनता तक पहुंचाएगी भाजपा
भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में पंत ने कहा कि व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि कांग्रेस विधायक शैलारानी को उसने 2012 में 42 लाख रुपये जमीन खरीदने के लिए दिए थे।
विधायक ने साझेदारी में जमीन खरीदने की बजाय रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। यह पैसा नहीं मिलने से व्यापारी परेशान था।
कहा कि यह घटना इस बात की गवाह है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ित लोगों को राहत नहीं मिली। तभी एक व्यापारी को यह कदम उठाना पड़ा। दैवी आपदा की धनराशि में हुई बंदरबांट का उल्लेख भी सुसाइड नोट में है।
पंत ने कहा कि राज्य में हालात खराब हैं, सिडकुल में उद्योग स्थापित करने को लेकर जमीनों की बंदरबांट और अवस्थापना के नाम पर दलाली और गबन हो रहे हैं। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरे प्रदेश में खराब है।
सरकार की नाकामी को जनता तक पहुंचाने के लिए भाजपा 25 सितंबर से दो अक्तूबर तक बूथ स्तर तक जाएगी।
उच्चस्तरीय जांच के लिए तैयार हूं: शैलारानी
अगर मामले में मेरी संलिप्तता पाई गई तो मैं राजनीतिक जीवन छोड़ने को तैयार हूं। कुछ लोग राजनैतिक रूप से मुझे डैमेज करने का प्रयास कर रहे हैं। मृत व्यापारी मेरे भाई की तरह था। इस बात की जांच होनी चाहिए कि अचानक उस पर इतना क्या प्रेशर पड़ा कि उसने इतना बड़ा कदम उठाया।
जिन पत्रों का हवाला दिया जा रहा है वह पुलिस के पहले कुछ खास लोगों के पास कैसे पहुंचे। इसकी भी जांच होनी चाहिए। जाहिर है सबूतों से छेड़छाड़ की गई है। व्यापारी को आपदा का नौ और ढाई लाख का मुआवजा स्वीकृत था लेकिन बैंक में होल्ड था।
मुआवजा वितरण में धांधली पर फूटा गुस्सा
केदारनाथ आपदा में व्यापार-कारोबार गंवाने वालों को दिए गए मुआवजे की सीबीआई जांच की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। सांकेतिक रूप से एक घंटे के लिए बाजार भी बंद रखा। लोगों का आरोप है कि मुआवजा वितरण में भारी धांधली की गई है।
भाजपा ने शैला की गिरफ्तारी की मांग की
गुप्तकाशी में व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल द्वारा की गई आत्महत्या के मुद्दे पर भाजपा आक्रामक हो गई है। प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सुसाइड नोट में कांग्रेस विधायक शैलारानी रावत समेत कई रसूखदारों के नाम हैं, इस पत्र को तहरीर मानकर एफआईआर दर्ज हो और तमाम बड़े लोगों की गिरफ्तारी हो।
विधायक शैलारानी रावत हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी में मृतक के घर गई और परिजनों को धमकाया। भाजपा ने इन सब मुद्दों को समाहित करते हुए एक ज्ञापन राज्यपाल को भेजकर सीबीआई जांच की मांग की है।
भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सुसाइड नोट में लिखा है कि कांग्रेस विधायक शैलारानी रावत को उसने 2012 में 42 लाख रुपए जमीन खरीदने केलिए दिए थे। विधायक ने साझीदारी में जमीन खरीदने के बजाय रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। यह पैसा नहीं मिलने से व्यापारी परेशान था।
पंत ने कहा कि मृतक के सुसाइड नोट को ही डाइंग डिक्लेयरेशन (मृत्यु से पहले दिया गया बयान) मानते हुए विधायक व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। यह घटना इस बात की गवाह है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ित लोगों को राहत नहीं मिली। तभी एक व्यापारी को यह कदम उठाना पड़ा। दैवी आपदा की धनराशि में हुई बंदरबाट का उल्लेख भी व्यापारी के सुसाइड नोट में भी है।
इस आशय का एक ज्ञापन राज्यपाल को भेजकर सीबीआई जांच की मांग की गई है। पंत ने कहा कि राज्य में हालात खराब है, सिडकुल में उद्योग स्थपित करने को लेकर जमीनों की बंदरबांट और अवस्थापना के नाम पर दलाली और गबन हो रहे हैं। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति राजधानी देहरादून में ही दयनीय है तो बाकी राज्य का हाल कैसे ठीक हो सकता है। सरकार की नाकामी को जनता तक पहुंचाने के लिए भाजपा 25 सितम्बर से दो अक्टूबर तक बूथ स्तर तक जाएगी।