डाक विभाग की काहिली के चलते एक युवक का सरकारी नौकरी पाने का सपना अधूरा रह गया।
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गोरखपुर से फिजीकल टेस्ट के लिए भेजा गया बुलावा पत्र 46 दिन बाद युवक को मिला। खास बात यह है कि कॉल लेटर स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री के माध्यम से भेजे जाते हैं।
ज्यादा देर तक नहीं टिकी खुशी
ग्राम नगला के नवीन चंद पुत्र स्व. जगन्नाथ दत्त ने रेलवे में नौकरी के लिए आवेदन किया था।
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लिखित परीक्षा के बाद सरकारी नौकरी पाने का ख्वाब साकार होता नजर आया। एक अप्रैल को पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर से आए कॉल लेटर को देखकर नवीन खुशी में झूम उठा लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिकी।
इंटरव्यू के डेट निकल जाने के बाद मिला कॉल लेटर
नवीन ने जब लिफाफा खोला तो वह हक्काबक्का रह गया। विभाग द्वारा उसे शारीरिक परीक्षण के लिए आठ मार्च को महाराजा रणजीत सिंह स्टेडियम कपूरथला (पंजाब) बुलाया गया था।
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गोरखपुर से कॉल लेटर डिस्पैच की तिथि 15 फरवरी थी, जो उसे एक अप्रैल को मिला। विभागीय लापरवाही से युवक रोजगार पाते रह गया। लिफाफे पर नानकमत्ता डाकघर पंहुचने की तिथि एक अप्रैल लिखी गई है।