उत्तराखंड क्रांति दल के धड़ों में एकता को लेकर चल रही वार्ता के बीच बुधवार को एक नया धड़े का गठन हो गया है।
एकता की वार्ता असफल
दल के संस्थापक सदस्य राणा रणवीर सिंह के नेतृत्व में बना उत्तराखंड क्रांति दल यूनाइटेड पांचों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। इसके अलावा अन्य तीन धड़ों में एकता की वार्ता सफल होते नहीं दिख रही है।
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ऐसे में अब उक्रांद के चार प्रत्याशी हर सीट पर भाजपा कांग्रेस को चुनौती देते दिखेंगे। उत्तराखंड क्रांति दल के नाम से लोकसभा चुनाव में उतरने की होड़ पार्टी के धड़ों में मची हुई है। राणा रणवीर सिंह 1979 से उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े रहे हैं।
रणवीर दल से हुए अलग
2012 में पार्टी के विधानसभा टिकट न मिलने से नाराज रणवीर दल से अलग हो गए थे। उनकी नाराजगी लोकसभा चुनाव आते ही और बढ़ गई और उन्होंने एक नया यूनाइडेट धड़ा बना लिया।
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खुद टिहरी लोकसभा चुनाव प्रत्याशी राणा ने बताया कि दल पांचों सीटों पर चुनाव में उतरेगा। उन्होंने उक्रांद के सभी वरिष्ठ नेताओं को दल के विघटन का जिम्मेदार ठहराया है।
इससे पहले 28 मार्च को उक्रांद के दो धड़े डेमोक्रेटिक और प्रजातांत्रिक का आपस में विलय कर पांचों सीटों पर चुनाव की तैयारी कर चुका है।
दोनों धड़ों के दस प्रत्याशी
उधर, पार्टी के सबसे बड़े धड़ों काशी सिंह ऐरी और त्रिवेंद्र पंवार में एकता की कोई स्थिति नहीं बनता दिख रही है, जिससे दस प्रत्याशी दोनों धड़ों के चुनाव में उतरेंगे।
पौने दो फीसदी मत बटेंगे सभी में
पार्टी के खाते में 2012 विधानसभा चुनावों में हिस्सेदारी पौने दो फीसदी मत आए थे। अब उन मतों के लिए चार धड़े चुनाव लड़ेंगे।
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हालांकि सभी धड़े अपना प्रदर्शन दूसरे से बेहतर होने की बात कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में जीतना तो दूर दूसरे दलों के प्रत्याशियों का गणित तक बिगाड़ने की स्थिति में दल नहीं दिख रहा है।
ये है उक्रांद का हाल
उक्रांद (ऐरी) अब तक तीन प्रत्याशी उतारेउक्रांद (पंवार) अब तक दो प्रत्याशी उतारेउक्रांद (डेमोक्रेटिक) प्रत्याशी पैनल किया तैयारउक्रांद यूनाइडेट दो प्रत्याशी उतारे