मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे धनोल्टी-मसूरी मार्ग पर मारूति आई-20 कार 500 मीटर गहरी खाईं में जा गिरी। जिसमें सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतक देहरादून के रहने वाले थे।
सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर बिग्रेड और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन अंधेरा बढ़ने से पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों को सर्च ऑपरेशन में दिक्कत उठानी पड़ी। बताया जाता है कि इसी जगह पर पिछले बृहस्पतिवार को हुए कार हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम करीब साढ़े बजे हुकुम सिंह खरोला (43) हाल निवासी राजीव नगर देहरादून अपने पैतृक गांव भिनगी, विकासखंड प्रतापनगर से आ रहे थे। धनोल्टी से आगे मसराना के पास उनकी कार आई-20 (यूके 07 एन 2480) अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में हुकुम सिंह खरोला (43) पुत्र स्व. सुंदर सिंह खरोला, प्रमिला (40) पत्नी हुकुम सिंह, नागी देवी (70) पत्नी स्व. सुंदर सिंह एवं हुकुम सिंह खरोला की बेटी प्रीति (20) एवं पुत्र नीरज (18) की मौके पर ही मौत हो गई।
पांच मिनट पहले ढाबे पर चाय पीकर निकला था परिवार
हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण मंगल सिंह असवाल और महावीर तत्काल बचाव के लिए खाई में उतरे। मंगल सिंह ने ही पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी कोतवाल आर एस खोलिया, मसूरी पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
मृतक के परिवार के कई लोग मसूरी में रहते हैं। सूचना मिलते ही उनके रिश्ते के भाई मनोज खरोला और पालिका सभासद रमेश भंडारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
उन्होंने बताया कि हुकम सिंह खरोला पूरे परिवार के साथ अपने पैतृक गांव भिनगी, विकासखंड प्रतापनगर (टिहरी) गए हुए थे। उनके रिश्ते में किसी की मौत हुई थी। वे शोक संतप्त परिवार को सात्वंना देने के बाद देहरादून लौट रहे थे। दुर्घटना होने से करीब पांच मिनट पहले ही वे ढ़ाबे से चाय पीकर निकले थे।
चार दिन पहले यहीं गई थी चार लोगों की जान
उत्तरकाशी से देहरादून जा रहे चार लोगों की दर्दनाक हादसे में मौत के सदमे को अभी मसराना के ग्रामीण भुला भी नही पाए थे कि मंगलवार को ठीक उसी जगह एक और हादसा हो गया। बताया जाता है कि पिछले बृहस्पतिवार देर रात को जहां पर मारूति कार गिरी थी उससे करीब पचास मीटर की दूरी पर ही यह दर्दनाक हादसा हुआ।
बता दें कि बृहस्पतिवार देर रात को कार हादसे में उसमें सवार दंपति समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। जबकि छह माह की मासूम सुरक्षित बच गई थी।