रक्षा मंत्रालय ने छावनी परिषदों के 31 दिसंबर को समाप्त हुए कार्यकाल को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। परिषदों में आम चुनाव नहीं करवाए जाने से मंत्रालय ने रक्षा संपदा महानिदेशालय के कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर लगा दी है। बुधवार को छावनी परिषदों में आदेश पहुंचने से अनिश्चितता की स्थिति समाप्त हो गई है।
जून में ही कार्यकाल समाप्त
छावनी परिषदों के निर्वाचित बोर्ड का जून 2013 में कार्यकाल समाप्त हो चुका है। जनगणना 2011 के अनुसार छावनियों के वार्डों का परिसीमन और वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया देरी से पूरी होने के चलते रक्षा मंत्रालय ने 31 दिसंबर पर 6 माह का कार्यकाल बढ़ाया था।
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अब लोकसभा चुनाव निकट आने के चलते केंद्र छावनी चुनावों को टाल रहा है, जिसके चलते लगातार दूसरी बार 6 माह का कार्यकाल बढ़ा दिया है। नए आदेशों के तहत आम चुनाव 58 छावनियों का कार्यकाल अब 5 जून तक रहेगा, उसी के बाद परिषदों के आम चुनाव होंगे।
इसके बाद नहीं बढ़ सकता कार्यकाल
कैंट एक्ट 2006 के तहत निर्वाचित छावनी परिषद के कार्यकाल को केवल एक बरस के लिए बढ़ाया जा सकता है। एक्ट के तहत प्रावधान है कि 6-6 माह की अवधी के दो कार्यकाल को रक्षा मंत्रालय बढ़ा सकता है।
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अगर जून तक आम चुनाव नहीं हुए तो निर्वाचित बोर्ड भंग कर दिए जाएंगे। ऐसे में चुनाव की अधिसूचना जारी होने तक बोर्ड अध्यक्ष और सचिव के अलावा के जनता से एक नामित सदस्य एजेंड़ा प्रस्ताव पारित करेंगे।