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छावनी चुनावः वोटरों के जोश से 'हारी' ठंड

Mon, 12 Jan 2015 01:15 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में सर्द मौसम भी छावनी परिषद चुनाव में मतदाताओं का जोश ठंडा नहीं कर पाया। बड़ी संख्या में लोग वोट देने पहुंचे।
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गढ़ी कैंट में 70.73 फीसदी मतदान हुआ। वार्ड दो में सर्वाधिक 84.75 फीसदी वोट पड़े। वार्ड तीन में सबसे कम (59.36 फीसदी) मतदान हुआ। छावनी में प्रेमनगर क्षेत्र में गढ़ी के मुकाबले अधिक मतदाताओं ने वोट डाले। ठंड की वजह से ज्यादातर वोटर दोपहर बाद निकले, जिससे निर्धारित सांय पांच बजे से डेढ़ घंटा देरी तक मतदान चला।

गढ़ी कैंट में सुबह आठ बजे मतदान केंद्रों में लाइनें लग गई थी। प्रत्याशी 29802 मतदाताओं के स्वागत में मतदान केंद्रों के बाहर परिवार सहित स्वागत में खड़े थे। सुबह दस बजे तक प्रेमनगर के कुछ वार्डों में 15 फीसदी से अधिक मतदान हो गया था। वार्ड दो मतदान की धीमी शुरुआत को दोपहर बाद तेजी मिली।
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दोपहर दो बजे तक वार्ड एक में 60 , वार्ड दो में 55, वार्ड तीन में 35, वार्ड चार में 50, वार्ड पांच में 52, वार्ड छह में 48, वार्ड सात में 60 और वार्ड आठ में 47 फीसदी वोट पड़े। शाम साढ़े छह बजे सभी आठ बूथों में वोटिंग समाप्त हो गई। छावनी में कुल 21079 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।

इसके बाद निर्वाचन अधिकारी के पास निर्वाचन टीमों ने ईवीएम मशीनें जमा कर रिपोर्ट सौंपी। रात नौ बजे तक मशीनों को सीलबंद कर रख दिया गया। सोमवार सुबह 11 बजे मतगणना की प्रकिया शुरू होगी।

कहां रहा कितना मतदान

वार्ड - प्रत्याशी - मतदाता - मतदान - फीसद
1 - 9 - 4560 - 3635 - 79.67
2 - 5 - 4173 - 3537 - 84.75
3 - 8 - 3637 - 2159 - 59.36
4 - 8 - 3860 - 2706 - 70.10
5 - 9 - 3322 - 2074 - 62.43
6 - 6 - 3393 - 2543 - 74.94
7 - 6 - 2883 - 2103 - 72.94
8 - 5 - 3974 - 2522 - 63.46

फर्जी मतदान के भी लगे आरोप
गढ़ी कैंट में फर्जी मतदान के भी आरोप लगते रहे। फर्जी मतदान के आरोप प्रेमनगर में सर्वाधिक लगे। सुबह वार्ड एक में एक मतदाता ने आरोप लगाया कि उसके नाम पर पहले वोट दे दिया गया है, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

भाजपा ने इस पर आपत्ति दर्ज करवाई, जिसके बाद मतदान केंद्रों पर प्रवेश के लिए पुलिस ने सख्ती कर दी। कैंट में मतदाताओं के लिए 25 तरह के पहचान पत्रों में से एक को दिखाने का प्रावधान था। वार्ड दो में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाकर मतदान करवाने का आरोप लगा।

इसके बाद वहां पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंची। इसी तरह कुछ वार्डों में पहचान पत्र के बिना मतदान करने की अनुमति का आरोप प्रत्याशी लगाते रहे। निर्वाचन की टीम ने सभी शिकायतों पर सुनवाई की, लेकिन किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई।

कांटे की टक्कर ने बढ़ाया मतदान का प्रतिशत

अरुणेश पठानिया, देहरादून

गढ़ी कैंट में बंपर मतदान की वजह वे वार्ड हैं जहां कांटे की टक्कर है। वर्ष 2008 में कैंट चुनाव में जहां कुल मतदान 62.03 प्रतिशत रहा था, इस बार 70.73 फीसदी पहुंच गया। पिछले चुनाव में भाजपा के तीन सभासद जीते थे, जिससे उनके हाथ उपाध्यक्ष की कुर्सी नहीं आई।

इस बार बढ़े वोट से भाजपा खुद को मजबूत मान रही है। जिन वार्डों में मतदान फीसदी अधिक रहा वहां नतीजे रोचक रहेंगे जबकि कम मतदान वाले वार्डों में उलटफेर की संभावना कम है। वर्ष 2008 में 27920 मतदाताओं से 17328 मतदाताओं ने वोट डाले थे जबकि इस बार 29802 में से 21079 वोटर बूथों तक पहुंचे।

वार्ड एक भाजपा से विक्की खन्ना, निर्दलीय विनोद पंवार, सुमित खन्ना और अनिल ग्रोवर रेस में हैं। यहां से भाजपा को जीत का भरोसा है, लेकिन यहां विनोद पंवार की पहाड़ी वोटरों में अच्छी पैठ मुकाबले को कांटे का बना रही है। कांग्रेस समर्थित सुमित खन्ना पंजाबी वोट बैंक में सेंध लगाते दिखे। इसका नुकसान भाजपा को हो सकता है।

यहां 79.67 फीसदी मतदान से संकेत साफ हैं कि मुकाबला कांटे का है। रिकार्ड मतदान वाले वार्ड दो में 84.75 फीसदी मतदाताओं के पोलिंग यहां से भाजपा के भूषण भाटिया को चारों निर्दलियों जितेंद्र तनेजा, विनोद पुरोहित, राजीव पुंज और हिमांशु गोगिया से जोरदार टक्कर मिली है।

भाटिया की जीत के लिए भाजपा ने यहां सर्वाधिक मेहनत की है हालांकि यहां नतीजे चौंकाने वाले रहेंगे। उधर, गढ़ी कैंट में वार्ड 6 में 74 फीसद से अधिक मतदान चौंकाने वाला है। निवर्तमान उपाध्यक्ष गुरु प्रसाद तिवारी इस बार मैदान में नहीं हैं। मतदाताओं के सामने नए प्रत्याशी का विकल्प है।

यहां राजेंद्र कौर सौंधी, निर्मला भट्ट और मंजू गुप्ता की दावेदारी मजबूत दिख रही है। 70 फीसदी का आंकड़ा छूने वाले वार्ड 4 और 7 में भी भाजपा प्रत्याशी हैं। यहां पर भाजपा जीत के लिए आश्वस्त है, लेकिन वार्ड 7 में निवर्तमान सभासद विष्णु गुप्ता की बेटी मेघा भट्ट के लिए संध्या, कल्पना शाही और ईला भंडारी कड़ी चुनौती हैं।
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भाजपा नेताओं की बढ़ी रहीं धड़कनें

छावनी परिषद चुनाव में भाजपा की साख दांव पर लगी है। नतीजों के लिहाज से गढ़ी और क्लेमेंटटाउन कैंट सबसे महत्वपूर्ण है। गढ़ी में दो विधायकों की विधानसभा क्षेत्र कैंट में आते हैं, जिससे भाजपा नेता मतदान के दौरान सक्रिय रहे। प्रेमनगर क्षेत्र में भाजपा विधायक हरबंस कपूर सक्रिय दिखे, जहां पार्टी को सर्वाधिक उम्मीद है।

क्लेमेंटटाउन में भाजपा भूपेंद्र कंडारी के नेतृत्व में दोबारा वापसी की आस लगाए हुए है। प्रेमनगर के चार वार्डों में भाजपा टक्कर में है, लेकिन भारी मतदान के बाद पार्टी अपने गणित भिड़ाने में लगी रही। पार्टी के प्रतिनिधि हर वार्ड में सक्रिय रहे, जबकि विधायक हरबंस कपूर खुद भी हर क्षेत्र में पहुंचे।

भाजपा के वार्ड एक में विक्की खन्ना, वार्ड दो में भूषण भाटिया, वार्ड तीन में कमलराज, वार्ड चार में रमेश काला, वार्ड पांच में नीरू बिष्ट और वार्ड सात में मेघा भट्ट प्रत्याशी हैं। भाजपा अगर प्रेमनगर से बढ़त नहीं हासिल कर पाती है तो पार्टी के साथ स्थानीय विधायक के लिए दिक्कतें बढ़ जाएंगी।

हर वार्ड में पार्टी ने कार्यकर्ताओं को नाराज कर विधायकों की पसंद का प्रत्याशी उतारा है, जिससे बागी निर्दलीय के तौर पर उतरे हैं। हर वार्ड में भाजपा टक्कर की स्थिति में दिख रही है, लेकिन यह तय कर पाना मुश्किल है कि वह अपने प्रत्याशियों को जिताकर बोर्ड में बहुमत ला सकेंगे।

नतीजों के बाद कुछ वार्डों में हंगामे के आसार
मतदान पूरा होने के बाद कुछ वार्डों में प्रत्याशियों के समर्थकों में हल्की-फुल्की नोक-झोंक शुरू हो गई। प्रेमनगर के वार्ड दो में मारपीट का मामला भी सामने आया। ऐसे में सोमवार को नतीजों के बाद समर्थकों के बीच हंगामे के आसार हैं।

स्थानीय प्रशासन ने मतदान के बाद जीते प्रत्याशियों की वार्डों में समर्थकों विजय रैलियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। हंगामे को प्रेमनगर के दो वार्डों और गढ़ी कैंट का एक वार्ड संवेदनशील है।

यहां प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर से उनके समर्थकों में हंगामे के स्थिति से निपटने के लिए सोमवार को मतगणना के लिए बोर्ड कार्यालय में भारी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

बोर्ड कार्यालय परिसर के भीतर प्रवेश को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए है जबकि बाहर भी बैरिकेडिंग रहेगी। वहीं प्रेमनगर क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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