ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया, लेकिन तब तक बालिका की मौत हो चुकी थी। फिर थोड़ी देर बाद गुलदार ने गैरबारम गांव के हरेढोन तोक में गोपीराम के घर में घुसकर उस पर हमला किया, लेकिन सतर्कता के कारण वह बच गए।
घटना से क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और वन विभाग की ओर से मामले में बरती जा रही ढिलाई पर ग्रामीणों में आक्रोश है। बीती 28 मई को भ्याड़ी गांव के मगेटी तोक में गुलदार ने एक चार वर्षीय बालक को मारा था। उसके बाद 14 जून को इसी गांव के मान सिंह की 27 वर्षीय पुत्री जशोदा पर भी हमला किया था।