डीएवी कॉलेज में एनएसयूआई और एबीवीपी ने चुनाव से एक दिन पहले पूरी ताकत झोंक दी।
एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद प्रत्याशी सिद्धार्थ राणा ने मंत्रों की पुस्तक पर अपना स्टिकर लगाकर कॉलेज में बांटी तो एनएसयूआई के अध्यक्ष पद प्रत्याशी भूपेंद्र नेगी ने सामान्य ज्ञान की पुस्तकें प्रचार कवर लगाकर वितरित की।
कॉलेज में दिनभर छोटी टोलियों में छात्र और समर्थक प्रचार करते नजर आए। एनएसयूआई की ओर से ‘जिस की बीवी छोटी उसका भी बड़ा नाम है, प्रेजीडेंट को जिता दो किसी और का क्या काम है’ जैसे नारों के साथ जमकर प्रचार किया गया।
चुनाव को इमरजेंसी करार दिया
एबीवीपी की ओर से चुनाव को इमरजेंसी के वक्त में होने वाला चुनाव करार दिया गया। पूर्व छात्र नेता आदित्य चौहान ने कहा कि राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं।
साथ ही कहा कि इमरजेंसी जैसे हालात में भी वह हार मानने वाले नहीं हैं। यूआर पद पर प्रभाकर, महासचिव पद पर गोविंद सिंह, जोगेंद्र सिंह, युद्धवीर सिंह नेगी के समर्थकों ने भी जमकर प्रचार किया।