राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी ने एक छात्रा की शिकायत पर भगवान इंटर कालेज खानपुर के शिक्षक को आयोग के सामने पेश करने के आदेश दिए। छात्रा ने शिकायत की थी कि शिक्षक ने उसे जानबूझकर फेल कर दिया।
आयोग के सचिव शुक्रवार को मेला नियंत्रण कक्ष में बाल संरक्षण से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम और पुलिस विभाग की बाल संरक्षण अधिकार के संबंध में बैठक ली। उन्होंने बाल संरक्षण से सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
कहा कि आयोग का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बाल अपराध की प्रवृत्ति से बचाना है। एक छात्रा की ओर से शिकायत की गई कि भगवान इंटर कालेज खानपुर में शिक्षक ने उसे फेल कर दिया, जिस पर सचिव ने खंड शिक्षा अधिकारी को संबंधित शिक्षक को आयोग के सामने पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा।
आंगनवाड़ी की हालत पर मांगी रिपोर्ट
हरिद्वार के अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद की ओर से आयोग में की गई शिकायत का जिक्र करते हुए उन्होंने बाल विकास विभाग को 15 जून तक यह रिपोर्ट देने के लिए कहा कि जिले में कितने आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर अवस्था में हैं और कितने आंगनबाड़ी केंद्रों को अन्य जगह शिफ्ट किया गया है।
इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग के सदस्य जीसान अली, शैलेंद्र शेखर करगेती सीओ सिटी प्रकाश देवली, रेडक्रास के सचिव नरेश चैधरी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, राजकीय बाल गृह हरिद्वार के प्रभारी राजकुमार गुप्ता, राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी गंभीर सिंह नेगी, सीडीपीओ जुलेखा आदि मौजूद रहे।