अब आप नौकरी करते हुए भी पॉलीटेक्निक संस्थानों से चार वर्षीय डिप्लोमा हासिल कर सकते हैं। इसके लिए शासनादेश जारी हो चुका है। जिसमें तहत पॉलीटेक्निक संस्थानों में पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
आल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) पॉलीटेक्निक संस्थानों में पार्ट टाइम डिप्लोमा में सीटों की स्वीकृति प्रदान करेगी। वहीं अब पॉलीटेक्निक संस्थानों में सेकेंड शिफ्ट के तहत एडमिशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
अभी तक पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया के तहत विभिन्न ब्रांचों में निर्धारित सीट के अलावा सेकेंड शिफ्ट की सीटों पर भी एडमिशन लिए जाते थे। जिसके तहत प्रदेश में छह सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा कोर्सेज में एडमिशन के लिए करीब 200 सीटें थी। लेकिन अब सेकेंड शिफ्ट की यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
अब नए सत्र में सेकेंड शिफ्ट की जगह पार्ट टाइम डिप्लोमा की व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिसके लिए शासनादेश भी जारी हो चुका है। इसके तहत सरकारी और प्राइवेट संस्थानों को पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इसकी स्वीकृति के लिए संस्थानों को एआईसीटीई को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके बाद एआईसीटीई संस्थानों को सीटें आवंटित करेगी।
संस्थानों ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल आवेदन की अंतिम तिथि पांच फरवरी निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि एआईसीटीई अप्रैल माह तक सीटें आवंटित कर देगी। जिसके बाद इन सीटों पर नौकरी कर रहे लोग एडमिशन ले सकेंगे।
छुट्टियों में और शाम के समय संचालित होंगी कक्षाएं
विभिन्न विभागों में नौकरी कर रहे लोगों की सुविधा के अनुसार पार्ट टाइम डिप्लोमा के तहत कक्षाओं का संचालन शाम के समय होगा। साथ ही छुट्टियों में भी कक्षाएं आयोजित हो सकेंगी। इसके लिए एआईसीटीई की ओर से पढ़ाई के घंटे निर्धारित होंगे। अभ्यर्थियों को निर्धारित घंटे की क्लास देनी होगी।
जहां इंडस्ट्रीज ज्यादा होंगी, वहां के लिए फायदेमंद
दरअसल, यह व्यवस्था उन पॉलीटेक्निक संस्थानों के लिए काफी मुफीद साबित होगी। जिन संस्थानों के आसपास ज्यादा इंडस्ट्री और सरकारी विभाग होंगे। ऐसे में सरकारी संस्थान भी अवसर के अनुरूप इसके लिए आवेदन करेंगे। साथ ही प्राइवेट संस्थान भी पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
पॉलीटेक्निक संस्थानों में सेकेंड शिफ्ट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इसकी जगह अब पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू होगा। इसके लिए शासनादेश जारी हो चुका है। संस्थानों को पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू करने के लिए एआईसीटीई को आवेदन करना होगा।
- हरि सिंह, सचिव उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद