प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस दाखिलों की काउंसलिंग पर पैदा हुआ असमंजस दूर हो गया है। राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में दोनों की अलग-अलग नीट काउंसलिंग पर सहमति दे दी है। हाल ही में मध्य प्रदेश के एक मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से यह असमंजस पैदा हुआ था।
रविवार की देर रात तक चली कैबिनेट बैठक में तय कर दिया गया कि प्रदेश में निजी और सरकारी मेडिकल काउंसलिंग अलग-अलग ही होगी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया था कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सेंट्रलाइज काउंसलिंग से ही दाखिले होने चाहिएं।
मामले पर फैसला आने के बाद प्रदेश में भी नीट की काउंसलिंग अटक गई थी और निर्धारित तिथि को सीट आवंटन नहीं हो पाया था। मामले पर न्याय विभाग से राय लेने के बाद रविवार की देर रात दोनों जगह अलग-अलग काउंसलिंग पर मुहर लगा दी गई। इससे फिलहाल अब तक हुए एमबीबीएस और बीडीएस दाखिलों से संकट टल गया है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ओमप्रकाश ने बताया कि मेडिकल काउंसलिंग का प्रकरण मंत्रिमंडल के समक्ष लाया गया था। महाधिवक्ता के सुझाव पर मंत्रिमंडल ने काउंसलिंग की प्रक्रिया पहले की तरह ही चलने का निर्णय लिया है। मीटिंग के मिनट्स जारी होने के बाद पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी कॉलेजों की काउंसलिंग इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद रद्द हो गई थी। अब वहां दोबारा काउंसलिंग हो रही है।