देहरादून। रेलवे में नौकरी के नाम पर 28 लाख रुपये हड़पने का मामला दर्ज किया गया है। रकम वापसी का दबाव बनाया तो आरोपियों ने पश्चिमी यूपी में कभी आतंक का पर्याय रहे धर्मेंद्र किरठल के घर बुलाकर पीड़ित को धमकाया। पीड़ित ने पटेलनगर कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
सहारनपुर जिले में रामपुर मनिहारन के सहजबी गांव निवासी अनुज कुमार के अनुसार दीपक कुमार और उसके भाई प्रवेंद्र निवासी चंद्रबनी ने रेलवे सुरक्षा बल में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। इसके बाद मैंने और साथी निखिल निवासी बीनपुर थाना गंगोह सहारनपुर ने दोनों भाइयों को नौकरी लगवाने की एवज में 28 लाख रुपये दिए। इसमें से दो लाख रुपये प्रवेंद्र की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए। रकम लेने के बाद आरोपी काफी दिनों तक टाल-मटोल करते रहे। आरोपियों से उनकी मुलाकात करीबी मित्र भानू निवसी सहारनपुर ने कराई थी।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि पीड़ित पक्ष ने रकम वापस न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी तो उन्हाेंने नरेंद्र राठी निवासी सूप बागपत को बीच में लिया। नरेंद्र राठी ने रकम वापस लेने को उन्हें बड़ौत बुलाया। आरोप है कि नरेंद्र राठी आदि ने बेरोजगार युवकाें को कभी आतंक का पर्याय रहे धर्मेंद्र किरठल के आवास पर बैठाकर आतंकित किया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि असलहों के बल पर खानदान मिटाने की धमकी देकर एक सुलह पत्र तैयार कराया। इसमें 25 मार्च तक 28 लाख के बजाय 17 लाख रुपये देना तय हुआ। दबाव में होने के कारण उस समय आरोपियों की बात मान ली। कई दिन पहले नरेंद्र राठी ने फोन करके रकम वापस करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित पक्ष ने अपने आरोप के समर्थन में वीडियो और आडिया क्लिप भी उपलब्ध कराई है। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में यह साफ हो पाएगा कि पूरे घटनाक्रम में धर्मेंद्र किरठल की क्या भूमिका है। संलिप्तता उजागर होने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।