कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने मुख्य सचिव से फोन पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कौशिक ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि जिस समय मंत्री की बैठक तय हो तो उस समय सचिवों की बैठक न बुलाई जाए।
बैठक में इन कार्यों की होनी थी समीक्षा
बैठक में हरिद्वार कुंभ मेले के लिए भूमिगत बिजली, गैसपाइप लाइन, सीवरेज, पेयजल व सड़क की समीक्षा होनी थी। इस बैठक में लोनिवि, ऊर्जा, पर्यटन, सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग के सचिवों को बुलाया गया था। लेकिन शहरी विकास और लोनिवि के सचिव ही बैठक में आए।
यह बैठक केवल कुंभ के कार्यों को लेकर नहीं थी। इसमें भूमिगत कार्यों की समीक्षा होनी थी। इस लिहाज से बैठक महत्वपूर्ण थी। बैठक में सचिव नहीं आ पाए, इसलिए स्थगित कर दिया गया। समय पर सूचना न मिलने नहीं सचिव नहीं पहुंच पाए। बैठक दो दिन बाद फिर बुलाने को कहा गया है। मैंने मुख्य सचिव से कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि बैठक एक समय पर न हो।
-मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड शासन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और अपर सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे मंत्रियों की बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेना सुनिश्चित करेंगे।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की बैठक में अफसरों की गैरमौजूदगी के मामले का मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। उनके निर्देश के बाद मुख्य सचिव ने ये निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि वे किन्हीं कारण से बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हैं तो इसकी पूर्व सूचना मंत्री के निजी सचिव को अवश्य दी जाए। समस्त जानकारी सहित बैठकों में प्रतिभाग किया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोताही न की जाए।