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उत्तराखंड कैबिनेट: किसानों, होटल-रेस्टोरेंट, ढाबों, उद्योगों को बिजली बिल भुगतान में कई तरह की छूट, पढ़ें अन्य फैसले...

Wed, 13 May 2020 07:49 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों को सरकार ने दी बड़ी राहत
  • चार श्रेणियों में दी बिजलूी छूट, ऑनलाइन बिल देने पर एक प्रतिशत की छूट
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार ने किसानों, होटल-रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों के साथ उद्योगों को बिजली बिल भुगतान में कई तरह की छूट दी है। मंत्रिमंडल ने चार श्रणियों में विद्युत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को तीन माह (अप्रैल से जून) का फिक्स चार्ज नहीं देना होगा। उद्योगों से लिए जाने वाले फिक्स डिमांड चार्ज को जून तक स्थगित कर दिया है।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चार प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने हर श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की है। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान कारोबारियों से लेकर घरेलू उपभोक्ताओं तक के बिजली बिल भुगतान में चार श्रेणियों में ब्याज और अधिभार में छूट को मंजूरी दी गई है। बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। होटल-रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों को तीन माह अप्रैल, मई और जून का फिक्स चार्ज नहीं देना होगा।


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इससे राज्य सरकार पर छह करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा। उनसे केवल इस्तेमाल हुई बिजली यूनिट का ही बिल लिया जाएगा। निजी नलकूप श्रेणी में 20 हजार किसानों को राहत दी है। नलकूप का विद्युत अधिभार 156 करोड़ रुपये है। 30 जून तक इसे जमा करवाने के लिए छूट दी गई है। इस दौरान इस पर लगने वाले 3.64 करोड़ रुपये के ब्याज को सरकार ने माफ कर दिया है। इसके अलावा उद्योगों से बिजली इस्तेमाल के एवज में लिए जाने वाले फिक्स डिमांड चार्ज को सरकार ने स्थगित कर दिया है। 30 जून के बाद चार्ज का भुगतान कर सकते हैं और इस दौरान बकाया भुगतान पर लगने वाले आठ करोड़ के ब्याज को सरकार ने माफ कर दिया है। कौशिक ने बताया कि चार श्रेणियों में दी राहत से प्रदेश सरकार पर 17.64 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा।

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अन्य प्रमुख फैसले

  • स्वास्थ्य विभाग में जिला और निदेशालय स्तर के लिपिक वर्ग को एक संवर्ग माना गया। इससे लिपिकों के प्रमोशन में आने वाली अड़चन दूर होंगी।
  • केंद्र सरकार की कृषि उपज ,पशुधन संविदा खेती एवं सेवा अधिनियम 2018 को नोडल एक्ट मानते हुए अध्यादेश लाया जाएगा। इससे कृषकों को अनेक प्रकार की सुविधा प्रदान की जा सकेगी।
  • बॉयलर जांच में छूट
    सरकार ने उद्योगों के लिए बॉयलर अधिनियम 1923 में छूट दी है। जिन उद्यमों में बॉयलर स्थापित हैं, वहां उनकी जांच 31 मई तक करवाने की अनिवार्यता थी। मंत्रिमंडल ने इसे जून तक बढ़ा दिया है। इस दौरान कंपनियां चाहें तो जांच करवा भी सकती हैं। इंस्ट्रक्टर या थर्ड पार्टी जांच का प्रावधान किया गया है।
  • धार्मिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी
    प्रदेश सरकार लॉकडाउन के दौरान रोकी गई धार्मिक पर्यटन से संबंधित गतिविधियों को शुरू करने के लिए केंद्र से अनुमति मांगेगी। सरकार चार धाम यात्रा को जल्द शुरू करने के पक्ष में है। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश में धार्मिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए योजना बनाई जा रही है। चारधाम यात्रा से लेकर हरिद्वार सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर गतिविधियां बंद पड़ी हैं। श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा या अन्य आयोजनों में आने की अनुमति नहीं है। प्रदेश सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेज रही है कि राज्य में धार्मिक पर्यटन की गतिविधियों को शुरू करने के लिए अनुमति दी जाए। संभव है कि लॉकडाउन के अगले चरण में सरकार को अनुमति मिल जाए।
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