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Uttarakhand: पेपर लीक करने वालों की संपत्ति होगी कुर्क, उम्रकैद तक की सजा, परीक्षाओं पर LIU रखेगा नजर

Fri, 13 Jan 2023 03:58 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Uttarakhand Paper Leak Case :  उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनेगा। इसका मसौदा तैयार हो गया है। आगामी कैबिनेट में इसे लाने की तैयारी है। कैबिनेट बैठक में रखने के बाद पहले इसका अध्यादेश लाया जाएगा, बाद में विधानसभा से पारित होगा।
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मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बाद अब उत्तराखंड सरकार देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनाने जा रही है। इसका मसौदा तैयार हो चुका है। आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

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प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ‘उत्तराखंड सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक 2023’ लाएगी।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में रखने के बाद पहले इसका अध्यादेश लाया जाएगा, बाद में विधानसभा से पारित होगा। उन्होंने बताया कि इस कानून में दोषियों को उम्रकैद से लेकर उनकी संपत्ति कुर्क करने के सख्त प्रावधान किए जाएंगे। न केवल नकल माफिया बल्कि इसमें शामिल होने वाले उम्मीदवारों पर भी दस साल तक की रोक के प्रावधान किए जा सकते हैं। 
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अभी तक यह हैं प्रावधान
अभी तक पेपर लीक में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 120 बी या हाईटेक नकल होने पर आईटी एक्ट के अलावा उत्तर प्रदेश उत्तराखंड सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) निवारण अधिनियम 1998 में कानूनी कार्रवाई की जाती है। 
 

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अब यह हो सकते हैं प्रावधान
-नकल माफिया की संपत्ति कुर्क करने के साथ ही उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
- नकल करते पकड़े जाने पर उम्मीदवारों को पांच साल तक के लिए परीक्षाओं से प्रतिबंधित करने के साथ ही एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
- न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर उम्मीदवार या संबंधित संस्था को दस साल तक के लिए परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
- पेपर लीक में शामिल संस्था पर दस करोड़ तक जुर्माना और उससे जुड़े लोगों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
- किसी उम्मीदवार या संस्था के खिलाफ पेपर लीक का मुकदमा दर्ज होने, चार्जशीट जाने के बाद पांच साल तक उन्हें संबंधित आयोग से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
- पेपर लीक में किसी संस्था या प्रबंध तंत्र के शामिल होने पर परीक्षा पर होने वाला पूरा खर्च उसी से वहन किया जाएगा।
- 48 घंटे के नोटिस के आधार पर सरकार संपत्ति अटैच कर देगी।

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ऐसा कानून बनाएंगे, कोई पेपर लीक करने पर सोचेगा भी नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने शुक्रवार को भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए जल्द ही सख्त नकल रोधी कानून बनाने का निर्णय लिया। सीएम धामी ने कहा कि इस कानून को इतना सख्त बनाया जाएगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोचेगा भी नहीं। कहा है भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अनियमितता है तो इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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