अब यह हो सकते हैं प्रावधान
-नकल माफिया की संपत्ति कुर्क करने के साथ ही उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
- नकल करते पकड़े जाने पर उम्मीदवारों को पांच साल तक के लिए परीक्षाओं से प्रतिबंधित करने के साथ ही एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
- न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर उम्मीदवार या संबंधित संस्था को दस साल तक के लिए परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
- पेपर लीक में शामिल संस्था पर दस करोड़ तक जुर्माना और उससे जुड़े लोगों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
- किसी उम्मीदवार या संस्था के खिलाफ पेपर लीक का मुकदमा दर्ज होने, चार्जशीट जाने के बाद पांच साल तक उन्हें संबंधित आयोग से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
- पेपर लीक में किसी संस्था या प्रबंध तंत्र के शामिल होने पर परीक्षा पर होने वाला पूरा खर्च उसी से वहन किया जाएगा।
- 48 घंटे के नोटिस के आधार पर सरकार संपत्ति अटैच कर देगी।
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ऐसा कानून बनाएंगे, कोई पेपर लीक करने पर सोचेगा भी नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने शुक्रवार को भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए जल्द ही सख्त नकल रोधी कानून बनाने का निर्णय लिया। सीएम धामी ने कहा कि इस कानून को इतना सख्त बनाया जाएगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोचेगा भी नहीं। कहा है भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अनियमितता है तो इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।