राजधानी के व्यवसायी अमरीश ओबरॉय व उनके दो बेटों पर जालसाजी कर 1.26 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा है। अब कोतवाली पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में वर्णित अग्रवाल निवासी विष्णु विहार, इनफील्ड स्कूल विकासनगर ने अमरीश ओबरॉय और उनके दो बेटों श्रवण ओबरॉय व प्रणव ओबरॉय निवासी रेसकोर्स के खिलाफ शिकायत की थी। वर्णित अग्रवाल अपने कारोबार के लिए जमीन देख रहे थे। इस बीच एक व्यक्ति विजय सिंह परमार ने उन्हें कुआंवाला में 1570 वर्गमीटर की एक जमीन दिखाई। इसका मालिक ओबरॉय परिवार को बताया गया। अमरीश ओबरॉय ने उस वक्त कहा कि उनकी यह जमीन पूरी तरह से पाक साफ है। इस पर किसी प्रकार का भी लोन नहीं है। इसकी कीमत 1.26 करोड़ रुपये तय हुई और उन्होंने तीन मार्च 2018 को पूरी रकम दे दी। इसके बाद 15 मार्च 2018 को रजिस्ट्री भी कर दी।
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जमीन की रजिस्ट्री शशांक कुमार और शोभित कुमार के नाम की गई। सितंबर में जब उन्होंने इस जमीन का दाखिल खारिज कराना चाहा तो पता चला कि यह जमीन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में बंधक रखी गई है। जबकि, उन्हें जो फर्द आदि दिखाई गई थी उस पर इस लोन का कोई जिक्र नहीं था। ऐसे में उन्होंने जालसाजी कर इस बात को फर्द से हटवा दिया था। इसके बाद से वह लगातार अपने पैसों की मांग कर रहे हैं। कभी संपर्क करने का प्रयास भी किया तो टाल मटोल करते रहे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने डाक के माध्यम से इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों को भी की लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सीजेएम कोर्ट के आदेश पर ओबरॉय व उनके दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।