सूबे में कामर्शियल टैक्स के एक्ट में 11 संशोधनों पर व्यापारियों के बाद अब उद्योगपतियों में भी भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि गुपचुप तरीके से संशोधन करके उनकी रोजी-रोटी छीनने का प्रयास किया जा रहा है। अब उद्योगपति इस मामले में राज्यपाल डा. केके पाल और मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह से मिलेंगे।
प्रदेश में हाल ही में कामर्शियल टैक्स से जुड़े एक्ट में 11 संशोधन लागू किए गए हैं। इसमें कई धाराएं बदली गई हैं तो कई खत्म कर दी गई हैं। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि एक ओर जीएसटी लागू करने की बात चल रही है तो दूसरी ओर उद्योगपतियों का गला घोंटा जा रहा है।
विभाग नहीं दे रहा जानकारी
वाणिज्य कर विभाग जो भी काम करता है उसकी जानकारी तक नहीं देता। 31 मार्च को संशोधित एक्ट वेबसाइट पर अपलोड किया गया और एक अप्रैल से पुराने सिस्टम की वेबसाइट ब्लॉक कर दी गई। इस वजह से 31 मार्च तक जिनका एक्स पार्टी हुआ था और उन्हें 30 दिन के भीतर रिओपनिंग का अधिकार था, वह छीन लिया गया। उन्होंने बताया कि अब वह 18 अप्रैल को राज्यपाल डा. केके पाल और मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह से मिलने जा रहे हैं।
लॉरी चालान नई मुसीबत
प्रदेश के भीतर या बाहर माल सप्लाई करने के लिए लॉरी चालान की व्यवस्था की जा रही है। यह नई प्रक्रिया भी उद्योगपतियों के गले नहीं उतर रही है। उनका कहना है कि इससे अगर ट्रांसपोर्टर से लॉरी चालान बनाते हुए गलती हुई तो सीधे इसका खामियाजा उद्योगपति को भुगतना पड़ेगा।