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गुम्मा बस हादसे के बाद जागा परिवहन विभाग, बसों को लेकर लिया बड़ा फैसला

Fri, 21 Apr 2017 11:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर  
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गुम्मा बस हादसे के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया है। विभाग ने जौनसार बावर क्षेत्र के पहाड़ी मार्गों पर चलने वाली निजी बसों के संचालन पर अस्थाई रोक लगा दी है। विभाग के फिटनेस जांचने के बाद ही इन बसों का संचालन शुरू होगा। उधर, आरटीओ के नेतृत्व में विभाग की टीम ने अभियान चलाकर यातायात उल्लंघन करने पर नौ वाहनों को सीज और 26 का चालान किया गया। 
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बता दें कि हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग पर 14 जबकि, कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर 3 निजी बसों का संचालन होता है। एआरटीओ (प्रवर्तन) रत्नाकर सिंह ने बताया कि सभी बसों को फिटनेस के लिए एआरटीओ कार्यालय में तलब किया गया है। जांच के बाद ही बसों के मार्गों पर संचालन की अनुमति दी जाएगी।

उधर, शुक्रवार को आरटीओ सुधांशु गर्ग के नेतृत्व में विभाग की टीम ने विकासनगर, बाड़वाला, जुड्डो और कोटी मार्ग पर चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर नौ वाहनों को सीज और 26 का चालान किया गया। सीज वाहनों में यूटिलिटी और गुड्स वाहन शामिल हैं। चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग करने वाले चालकों को अफसरों ने कड़ी फटकार लगाई।
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चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी। आरटीओ ने सुमन क्यारी नैनबाग में स्थापित चेक पोस्ट का भी निरीक्षण किया। चेक पोस्ट पर 24 अप्रैल से वाहनों की चेकिंग शुरू की जाएगी। इससे पहले यह चैक पोस्ट नैनबाग बाजार में था। जहां चेकिंग के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। इसे देखते हुए चेक पोस्ट को शिफ्ट किया गया।   

जौनसार बावर में दो नई बसों का संचालन शुरू 

गुम्मा बस हादसे से सबक लेकर शासन के निर्देश पर उत्तराखंड परिवहन निगम ने जौनसार बावर में दो रूटों (दून-आराकोट और दून-चकराता) पर शुक्रवार से दो नई बसों का संचालन शुरू कर दिया। शनिवार से इन रूटों समेत अन्य दो रूटों पर छह और बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को परिवहन निगम के मुख्यालय में बसों के शेड्यूल की रूपरेखा तैयार की गई।

उधर, बसों का संचालन शुरू होने से जौनसार बावर के लोगों ने खुशी जताई है। निगम के जीएम संचालन दीपक जैन के मुताबिक देहरादून-केराड़, देहरादून-कथियान और देहरादून-आराकोट रूट पर सप्ताह में तीन दिन और देहरादून-चकराता रूट पर रोजाना बसों का संचालन किया जाएगा। चकराता को छोड़कर अन्य जगहों की दूरी अधिक होने के चलते यह निर्णय लिया गया है।

सप्ताह में एक दिन बसों को जहां देहरादून से गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा, वहीं अगले दिन बसें गंतव्य से देहरादून तक का सफर तय करेंगी। गुम्मा बस हादसे में 45 लोगों की मौत के बाद जौनसार बावर में निगम की बसों के संचालन के लिए लोगों में जबर्दस्त गुस्सा देखने को मिला था। लोगों ने आरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। 

अधिकतम दूरी 220 किमी
परिवहन निगम ने जौनसार बावर की सड़कों पर फिलहाल जिन रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया है या होना है, उसमें सबसे अधिक दूरी देहरादून-केराड़ रूट और देहरादून-कथियान रूट (220 किमी) की होगी। जबकि, आराकोट रूट पर 130 और देहरादून-चकराता रूट पर बसों को रोजाना 97 किमी की दूरी तय करनी होगी।
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अन्य छह मृतकों की भी हुई शिनाख्त 

हिमाचल प्रदेश के गुम्मा गांव के समीप बुधवार को हुए भीषण बस हादसे में मरे 45 लोगों में से 44 की शिनाख्त हो गई है। एक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है, जिसका डीएनए सुरक्षित रख लिया गया है। शुक्रवार को जरूरी औपचारिकताओं के बाद प्रशासन ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। 

शुक्रवार को जिन मृतकों की पहचान की गई, उनमें सुमन (17) पुत्री भूना सिंह, संदीप (18) पुत्र भूना सिंह, ललिता (35) पत्नी भूना सिंह, भूना सिंह (40) पुत्र नवल, अमर पुत्र बल बहादुर, वीर बहादुर भंडारी पुत्र धनी भंडारी शामिल हैं। ये सभी मूलरूप से लक्खी मसूर गोरई, नेपाल के निवासी थे, जो मजदूरी की तलाश में यहां आए हुए थे। 

हिमाचल प्रदेश के नेरवा थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के पौड़ी से आए नेपाली मूल के हरीश और अमर ने शवों की पहचान की। एक शव की पहचान नहीं हो पाई है। उसका चेहरा क्षत-विक्षत हो चुका है जिससे शिनाख्त करना मुश्किल हो रहा है। सभी सात शवों से डीएनए सैंपल ले लिए गए हैं। 
प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेरवा में सभी का अंतिम संस्कार कर दिया है।

इस दौरान एसडीएम चौपाल अनिल चौहान, तहसीलदार चौपाल मनमोहन जिसटु, डीएसपी चौपाल मुनीश डढवाल, होम गार्ड कमांडेंट आरपीण नेप्टा, नायब तहसीलदार नेरवा मोही राम चौहान और नायब तहसीलदार त्यूनी पूर्ण सिंह तोमर भी मौजूद रहे। थानाध्यक्ष ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के परिचालक तुलसी निवासी सैंज कालसी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। दुर्घटना के बाद उग्र भीड़ से कंडक्टर को बचाने के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था
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