जंगलों को आग से बचाने के लिए किए गए पूर्वाभ्यास के एक दिन बाद ही जिला प्रशासन, वन विभाग और दूसरे अन्य विभागों की पोल खोल गई। शुक्रवार को चंडीदेवी मंदिर के पास जंगल में लगी आग से यह साफ हो गया कि प्रशासन और दूसरे विभागों के अधिकारी सरकार की ओर से घोषित कार्यक्रम को किस तरह से खानापूर्ति करके पूरा करते हैं।
जंगल करीब डेढ़ घंटे तक जलता रहा है और विभाग सोते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक दो कर्मचारी ही आग बुझाने के लिए जूझते रहे। बार बार सूचना देने पर भी कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में आने वाले दिनों में जंगल की आग बढ़ने की आशंका के बीच इससे निपटने के प्रयासों पर भी सवाल उठने लगे है।
शुक्रवार की दोपहर करीब 11 बजे चंडीदेवी मंदिर के पास जंगल में श्यामपुर बीट क्षेत्र में आग लग गई। देखते ही देखते तेज गर्मी के बीच आग काफी दूर तक फैल गई। जिस पर बीट इंचार्ज रामतेज तिवारी, चौकीदार बालेश्वर के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। तेज धूप और हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था।
कर्मचारियों ने पहले श्यामपुर रेंज कार्यालय और इसके बाद हरिद्वार स्थित डीएफओ और रोशनाबाद स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर भी सूचना दी। कंट्रोल रूम को भी सूचित किया गया। प्रशासन के दावों की एक दिन बाद ही उस समय पोल खुल गई जब करीब डेढ़ घंटे तक भी कोई नहीं पहुंचा।